बता दें कि राम मंदिर को लेकर ही उमा भारती ने 2019 का लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। बीते मंगलवार को उन्होंने एलान किया था कि वह आगे के डेढ़ साल केवल 'राम' व 'गंगा' को देना चाहती हैं। हालांकि स्पष्ट किया था कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह राजनीति से संन्यास ले रही हैं।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में उमा भारती ने कहा था, 'मैं मरते दम तक राजनीति करूंगी, लेकिन डेढ़ साल के लिए केवल राम व गंगा के लिए काम करूंगी।' उन्होंने कहा था कि वह इसके लिए पार्टी आलाकमान से अनुमति मांग कर 15 जनवरी से गंगा प्रवास करेंगी।