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Assam: उल्फा के लिंकमैन ने हिरासत से की भागने की कोशिश, पुलिस की गोलीबारी से हुआ घायल; विस्फोटक भी जब्त

Sun, 30 Jul 2023 01:31 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, असम

सार

अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध लिंकमैन को हाल ही में जोरहाट में गिरफ्तार किया गया था। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शनिवार को तिनसुकिया जिले के मामोरोनी गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। 
 
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उल्फा के लिंकमैन को लगी गोली - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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असम के तिनसुकिया जिले में रविवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) के एक संदिग्ध लिंकमैन पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गया। दरअसल, संदिग्ध हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। 

गांव में चला तलाशी अभियान 

अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध लिंकमैन को हाल ही में जोरहाट में गिरफ्तार किया गया था। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शनिवार को तिनसुकिया जिले के मामोरोनी गांव में तलाशी अभियान चलाया गया। 

यह विस्फोटक हुए जब्त

इस दौरान आठ पीईके (प्लास्टिक विस्फोटक किर्के), एक डेटोनेटर और छह बैटरियों सहित विस्फोटकों का एक जखीरा जब्त किया गया। साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।

संदिग्ध ने दिया पुलिस को झांसा

अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध लिंकमैन ने बताया कि पास के स्थान पर और विस्फोटक हैं। इसलिए हम उसे वहां ले गए। हालांकि, जैसे ही टीम मौके पर पहुंची उसने अंधेरे की आड़ में भागने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि संदिग्ध को भागने से रोकने के लिए गोलियां चलानी पड़ीं। उसके पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर है।

डीजीपी ने दी थी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

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जबरन वसूली अभियान और गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने बीते रविवार को उल्फा जैसे प्रतिबंधित संगठन के नाम पर किसी भी गतिविधि के खिलाफ चेतावनी दी थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि कृपया सूचित किया जाता है कि उल्फा के नाम पर धन एकत्र करना (असली या नकली) यूएपी अधिनियम की धारा 17, 21, 24, 26, 39 और 40 के प्रावधान के तहत आता है क्योंकि उल्फा एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है।

राज्य के आर्थिक विकास नहीं बनने देंगे बंधक: डीजीपी

उन्होंने कहा था कि ये प्रावधान धन एकत्र करने, आतंकवाद की आय का इस्तेमाल करने आदि के लिए हैं और उल्फा के लिए धन एकत्र करने में शामिल व्यक्तियों की संपत्ति जब्त हो सकती है, चाहे वह वास्तविक हो या नकली। डीजीपी ने कहा था कि जिला पुलिस और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वे जबरन वसूली की मांग करने और/या इस तरह के धन की वसूली में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा था कि असम पुलिस ऐसे लोगों द्वारा राज्य के आर्थिक विकास को बंधक नहीं बनने देंगे। उन्होंने लोगों को सलाह दी थी कि वे जबरन वसूली/रंगदारी के ऐसे संग्रह का हिस्सा न बनें।

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