असम के उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के स्वाधीन गुट ने अपने प्रमुख परेश बरुआ की मौत की खबरों का खंडन किया है। ध्यान रहे कि एक वेबसाइट ने खुफिया सूत्रों के हवाले खबर दी थी कि म्यामांर सीमा के पास एक सड़क हादसे में बरुआ की मौत हो गई है।
संगठन की ओर से जारी एक बयान में इस खबर को फर्जी बताते हुए कहा गया है कि उनके साथ कहीं कोई हादसा नहीं हुआ है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लगभग तीन महीने पहले म्यामांर में बरुआ एक सड़क हादसा का शिकार हुआ था तब उसकी कुछ हड्डियां टूट गई थीं। लेकिन उसकी मौत की कहीं कोई सूचना नहीं है।