SIPRI: यूक्रेन 2020-24 के दौरान दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक बना, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान यूक्रेन के हथियार आयात में 100 गुना वृद्धि हुई, जबकि भारत का आयात मुख्य रूप से रूस से था, और यूरोपीय देशों ने रूस के आक्रमण के बाद अपने आयात में 155 फीसदी की वृद्धि की।
यूक्रेन 2020-24 के दौरान दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन गया। 2015-19 के मुकाबले इस अवधि में यूक्रेन ने अपने हथियार आयात में करीब 100 गुना वृद्धि की। इसी अवधि में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना। यूक्रेन फरवरी 2022 से रूस के साथ युद्ध में है, जबकि भारत को पड़ोसी चीन और पाकिस्तान से खतरों का सामना है। स्वीडन स्थित वैश्विक थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-24 के दौरान यूक्रेन ने वैश्विक हथियार आयात का 8.8 फीसदी हिस्सा हासिल किया। रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने वाले देशो में अमेरिका (45 फीसदी), जर्मनी (12 फीसदी) और पोलैंड (11 फीसदी) शामिल हैं।
यूरोप के हथियार आयात में 155 फीसदी वृद्धि
सिपरी के मुताबिक, भारत 2020-24 में हथियार आयात के मामले में दूसरे स्थान पर रहा। इस अवधि में मुख्य रूप से रूस से हथियारों का आयात हुआ। हालांकि, रूस से हथियारों का आयात घटकर 38 फीसदी हो गया, जो पहले 2015-19 में 55 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय देशों ने रूस के आक्रमण के बाद अपने सैन्य बलों को मजबूत किया और यूरोप में हथियार आयात में 155 फीसदी वृद्धि देखी गई।
शीर्ष 10 हथियार निर्यातक की सूची से बाहर हुआ चीन
रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका का हथियार निर्यात 43 फीसदी रहा, जबकि रूस का हथियार निर्यात 64 फीसदी घटा। सिपरी ने बताया कि चीन 2020-24 की अवधि के दौरान शीर्ष 10 हथियार निर्यातक देशों की सूची से बाहर हो गया। यह पहले हथियार निर्यातक देशों में से एक था। इसके अलावा, सिपरी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अपने हथियार आयात में 61 फीसदी वृद्धि की और चीन उसके प्रमुख हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में सामने आया, जिसने 2020-24 के दौरान पाकिस्तान के हथियार आयात का 81 फीसदी हिस्सा पूरा किया।