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Ukraine-Russia: 'बातचीत के लिए ज्यादा आधार नहीं', यूक्रेन संघर्ष पर बोले भारत में रूसी राजदूत ने डेनिस अलीपोव

Wed, 20 Nov 2024 06:44 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने रूस यूक्रेन युद्ध की स्थिति पर प्रकाश डाला। जहां उन्होंने कहा कि  इस समय जंग के बीच दोनों देशों के बातचीत के लिए ज्यादा आधार नहीं है लेकिन रूस यूक्रेन के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार है अगर...
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डेनिस अलीपोव, भारत में रूसी राजदूत, - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच ढाई साल से ज्यादा समय से चल रहे जंग का अभी तक कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। इसी सिलसिले में भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने बुधवार को कहा कि इस समय जंग के बीच दोनों देशों के बातचीत के लिए ज्यादा आधार नहीं है लेकिन रूस यूक्रेन के साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार है अगर कोई स्वीकार्य आधार मिले तो। बता दें कि अलीपोव ने यह बात यहां ब्रिक्स और इसकी संभावनाओं पर आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में कही। इस सत्र की मेजबानी रूस की सरकारी समाचार एजेंसी स्पूतनिक ने की।
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बातचीत के लिए स्वीकार्य आधार की जरूरत 
रूसी राजदूत अलीपोव ने यह भी कहा कि बातचीत के लिए एक स्वीकार्य आधार होना चाहिए। एक और सवाल के जवाब में, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या निकट भविष्य में नई विश्व व्यवस्था संभव हो सकती है उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि ब्रिक्स संघर्ष समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है। बता दें कि 2022 फरवरी में शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध का अब 1,000 दिन पूरा कर चुका है।

अलीपोव ने की ब्रिक्स की सराहना
अलीपोव ने अपनी बातचीत की शुरुआत में ब्रिक्स की सराहना की और इसे नई वास्तविकताओं का प्रतिबिंब बताया। इसके साथ ही जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस इस विवाद को सुलझाने के लिए यूक्रेन के साथ बातचीत करेगा, तो राजदूत ने कहा सच कहूं तो इस समय बातचीत का ज्यादा आधार नहीं दिखता।
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इसके साथ ही अलीपोव ने कहा कि ब्रिक्स के भीतर बातचीत और प्रक्रियाओं ने यह दिखाया है कि यह कम से कम संघर्ष समाधान के लिए एक चर्चा मंच बन सकता है।" हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह वर्तमान या भविष्य के संघर्षों को हल कर पाएगा। उन्होंने कहा हम बातचीत करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते इसके लिए कोई आधार हो और उस आधार में सबसे पहले यूक्रेन में रूसी नागरिकों और रूस के हितों की सुरक्षा शामिल होनी चाहिए। 

युद्ध में मारे जा चुके 10 लाख से अधिक यूक्रेनी नागरिक
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मिशन के मुताबिक, अगस्त 2024 तक यूक्रेन में कम से कम 11,743 नागरिक मारे गए हैं और 24,614 घायल हुए हैं। यह आंकड़े असल में और अधिक हो सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां रूस का कब्जा है, जैसे मारियोपोल। इसके अलावा, यूक्रेन में अब तक 589 बच्चे भी मारे जा चुके हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रिम मोर्चों पर भीषण संघर्ष में हजारों लोग मारे गए हैं, जहां निरंतर तोपों की बौछार के बीच टैंक, आर्म्ड वाहन और थल सैनिक हमले कर रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष युद्ध में मारे गए अपने सैनिकों के आंकड़े को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गोपनीय रखते हैं और पश्चिमी देशों की खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर दिए गए अनुमानों में बहुत अंतर है। अनुमान हैं कि रूस को भी सैन्य हताहतों के मामले में भारी नुकसान हुआ है। भीषण युद्ध के दौरान रूस के एक दिन में ही एक हजार से अधिक सैनिक मारे गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने फरवरी 2024 में कहा था कि 31 हजार से अधिक यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं, जिसे विश्लेषक सही अनुमान मानते हैं।   


खत्म हो गई यूक्रेन की 25 फीसदी आबादी
युद्ध के चलते यूक्रेन की जन्म दर ढाई साल पहले की तुलना में अब एक तिहाई रह गई है। करीब 40 लाख लोग यूक्रेन के भीतर ही विस्थापित हुए हैं। जबकि 60 लाख से अधिक यूक्रेनी नागरिक विदेश में शरण ले चुके हैं। युद्ध के कारण यूक्रेन की जनसंख्या में करीब एक करोड़ से अधिक लोगों की कमी आई है, जो इसकी जनसंख्या का लगभग एक चौथाई है। इसका मतलब है कि यूक्रेन की 25 फीसदी जनसंख्या खत्म हो गई। यूक्रेन की सरकार के अनुमान के मुताबिक युद्ध का दैनिक खर्च 140 मिलियन डॉलर से भी अधिक है। यूक्रेन ने 2025 के प्रस्तावित बजट में करीब 26 फीसदी यानी 53.3 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य रखा है।   

युद्ध से यूक्रेनी अर्थव्यवस्था को हुआ भारी नुकसान
युद्ध के कारण यूक्रेन की अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। 2022 में यूक्रेन की अर्थव्यवस्था में 33 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि 2023 में यह स्थिति थोड़ा बेहतर हुई और नुकसान 22 फीसदी तक सीमित रहा। रॉयटर्स ने विश्व बैंक, यूरोपीय आयोग, संयुक्त राष्ट्र और यूक्रेन सरकार के ताजा आकलन का हवाला देते हुए बताया कि अब तक, यूक्रेन की ओर से 152 अरब डॉलर का सीधा नुकसान रिपोर्ट किया गया है और पुनर्निर्माण की कुल लागत 486 अरब डॉलर के करीब होने का अनुमान है। युद्ध से सबसे ज्यादा आवास, परिवहन, वाणिज्य और उद्योग, उर्जा और कृषि क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। 
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