भारत में यूके के दूत एलिस ने कहा कि उग्रवाद के मामले में और विशेष रूप से खालिस्तान के मुद्दे पर अगर बात करें तो मुझे लगता है कि इस बात पर कोई असहमति नहीं है कि भारतीय उच्चायोग में जो हुआ वह बिल्कुल ठीक नहीं था। हम उग्रवाद को किसी एक विशेष समूह के लोगों के संबंध में नहीं बल्कि समग्र रूप से देखते हैं।
मार्च माह में लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तान समर्थकों के हमले को भारत में यूनाइटेड किंगडम के उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने गलत करार दिया है। उन्होंने बुधवार को खालिस्तान के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि लंदन में भारतीय उच्चायोग में जो कुछ भी हुआ वह ठीक नहीं है और वह उस घटना पर गुस्से को समझते हैं।
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उन्होंने कहा कि उग्रवाद के मामले में और विशेष रूप से खालिस्तान के मुद्दे पर अगर बात करें तो मुझे लगता है कि इस बात पर कोई असहमति नहीं है कि भारतीय उच्चायोग में जो हुआ वह बिल्कुल ठीक नहीं था। हम उग्रवाद को किसी एक विशेष समूह के लोगों के संबंध में नहीं बल्कि समग्र रूप से देखते हैं। एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अतिवाद किसी भी देश के लिए जोखिमभरा है। इस दौरान उन्होंने चरमपंथ से निपटने के तरीके पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए हमारे पास एक बहुत व्यापक टूलकिट है। इस दौरान उन्होंने बीबीसी के मुद्दे पर कहा कि अच्छे दोस्तों के बीच भी असहमति हो सकती है।
खालिस्तान के मुद्दे पर बोले ब्रिटिश दूत
कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उग्रवाद से निपटने के लिए एक तरफ गिरफ्तारी और आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन इससे निपटने के लिए हम इससे अधिक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारा एक टास्क फोर्स है। यहां लोग खालिस्तान उग्रवाद के संबंध में खतरों और खतरों की प्रकृति को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं और यह जारी भी है। ऐसे में लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर जो कुछ हुआ, उसके बारे में यहां(भारत) के गुस्से को मैं पूरी तरह से समझता हूं।
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बीबीसी के मुद्दे पर कही यह बात
इस बीच, जब उनसे बीबीसी के मुद्दे के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रसारणकर्ता भारतीय अधिकारियों से बात कर रहा है। एलिस ने कहा कि निश्चित रूप से, मैं भारतीय अधिकारियों के साथ चर्चा की गई सभी बातों को कभी साझा नहीं करूंगा, लेकिन अच्छे दोस्तों में भी असहमति हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीबीसी न्यूज एक विश्व स्तरीय संस्था और प्रसारक है। उनके समाचारों को मैं हर दिन पढ़ता हूं। दूसरी बात यह है कि सभी संगठनों को भारत के कानूनों का पालन करना होगा। बीबीसी इस बारे में अधिकारियों से बात कर रहा है।
गौरतलब है कि ब्रिटेन के उच्चायुक्त एलिस यहां अनंत केंद्र में 'यूके-भारत साझेदारी' को लेकर कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन इसका एक उदाहरण है कि यूके और भारत एक साथ क्या कर सकते हैं।
बता दें कि इसी साल मार्च में ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थकों ने लंदन में भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़ की थी। लंदन में खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग पर से भारतीय ध्वज को नीचे उतारने की भी कोशिश की थी। जिसका व्यापक पैमाने पर विरोध किया गया था।