आधार कार्ड बनाने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने भारती एयरटेल ग्रुप को थोड़ी राहत दे दी है। एयरटेल अब अपने मोबाइल ग्राहकों का आधार के जरिए सत्यापन कर पाएगा। हालांकि एयरटेल के पेमेंट बैंक पर ग्राहकों की पहचान का आधार के जरिए ई-सत्यापन करने पर पाबंदी जारी रखी गई है।
यूआईडीएआई सूत्रों के अनुसार, एयरटेल को हर तीसरे माह आधार अधिनियम के तहत चलने की रिपोर्ट जमा करानी होगी। यह निर्णय तब लिया गया है, जब सत्यापन के बिना एयरटेल को कुछ गंभीर मुद्दों से जूझना पड़ा और उसकी तरफ से यूआईडीएआई को इसके संबंध में नियमित जानकारी देने की बात कही गई।
पिछले साल एयरटेल की टेलीकॉम और पेमेंट बैंक कंपनियां तब निशाने पर आ गई थी, जब सुनील मित्तल के मालिकाना हक वाली इस कंपनी पर अपने मोबाइल उपभोक्ताओं को बताए बिना अपने बैंक में उनके खाते खोल देने की बात सामने आई थी। इन उपभोक्ताओं की गैस सब्सिडी के करोड़ों रुपये भी इसके चलते एयरटेल पेमेंट बैंक में जमा हो गए थे। दिसंबर में केंद्र सरकार के निर्देश पर यूआईडीएआई ने कंपनी की आधार के जरिए ई-सत्यापन करने की सुविधा अस्थायी तौर पर बंद कर दी थी।