आधार कार्ड में बदलाव (अपडेट) को लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बड़ा फैसला लिया है। यूआईडीएआई ने बैंकिंग संवाददाता (कॉरेस्पोंडेंट) के तौर पर काम कर रहे 20,000 सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) को आधार अपडेट करने की अनुमति दे दी है। अब लोगों के लिए आधार अपडेट कराना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
हालांकि, इन केंद्रों को सिर्फ डेमोग्राफिक अपडेट की सुविधा दी जाएगी। यूआईडीएआई ने सामान्य सेवा केंद्रों के अधिकारी दिनेश त्यागी को लिखे पत्र में कहा, केवल डेमोग्राफिक अपडेट की सुविधा दी जाएगी। अपडेट करने और कराने वाले का सत्यापन फिंगरप्रिंट और आंखों की पुतलियों के जरिए किया जाएगा।
रविशंकर प्रसाद ने दी जानकारी
यूआईडीएआई ने कहा कि इसके लिए जून 2020 के अंत तक प्रणाली तैयार होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीटर के जरिए यूआईडीएआई द्वारा सामान्य सेवा केंद्रों को अनुमति देने के बारे में जानकारी दी।
रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट किया कि आधार को नागरिकों के लिए अपडेट करना आसान बनाने के लिए यूआईडीएआई ने सामान्य सेवा केंद्रों को अनुमति दी है। लगभग 20,000 सीएससी अब नागरिकों को यह सेवा प्रदान करने में सक्षम होंगे।.
इससे पहले सीएससी की ओर से अधिकृत सभी सेवा केद्रों को आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनुमति दे दी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद दिसंबर 2018 में इस सुविधा को रोक दिया गया था।
यूआईडीएआई ने कहा कि इसके लिए प्रणाली जून 2020 के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह चाहेंगे कि सीएससी के ग्राम स्तर के उद्यमी जिम्मेदारी के साथ और यूआईडीएआई के निर्देशों के अनुसार आधार का काम शुरू करें। प्रसाद ने कहा, 'मुझे यकीन है कि इस सुविधा से बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिकों को अपने निवास स्थान के करीब आधार सेवा पाने में मदद मिलेगी।’ अब सीएससी से बच्चों का बॉयोमेट्रिक्स विवरण अपडेट किया जाएगा और पते में बदलाव भी हो सकेगा।
देश भर में 2.74 लाख से अधिक सीएससी काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रकार की सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।