भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने रविवार को कहा कि आधार प्रणाली में डेटा सेंधमारी से बचाव के ठोस उपाय किए गए हैं। प्राधिकरण ने ऐसी खबरों को खारिज किया है कि कुछ विदेशी एजेंसियों ने आधार के बायोमीट्रिक डेटा तक कथित तौर पर पहुंचने का रास्ता बना लिया था।
प्राधिकरण का बयान विकीलीक्स के उस रपट के बाद आया है जिसमें उसने संकेत दिया है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए ने कथित रूप से आधार के डेटाबेस तक पहुंचने का रास्ता बना लिया था। इन आरोपों का खंडन करते हुए प्राधिकरण ने कहा है कि आधार के लिए बायोमीट्रिक आंकड़ों को जुटाने की प्रणाली देश के भीतर ही विकसित की गई है।
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इसमें पर्याप्त और आधुनिक सुरक्षा फीचर हैं जो किसी भी संभावित अनाधिकृत पहुंच या किसी भी प्रकार के बायोमीट्रिक डिवाइस में डेटा के ट्रांसमिशन को रोकने में सक्षम है। प्राधिकरण ने कहा कि इस तरह की गलत खबरें ‘निजी हितों’ के लिए फैलाई जा रही हैं।
प्राधिकरण ने कहा कि आधार प्रणाली में उपयोग किया जाने वाला किसी भी तरह का बायोमीट्रिक उपकरण पूरी तरह आंतरिक जांच के बाद उपयोग किया जाता है और बाहर इस तरह के उपकरणों को मानक परीक्षण गुणवत्ता प्रमाण पत्र के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है। अभी तक 117 करोड़ लोगों को आधार संख्या दी गई है और प्रतिदिन करीब 4 करोड़ आधार प्रमाणन किए जाते हैं। आज तक आधार के बायोमीट्रिक आंकड़े के लीक होने का एक भी मामला सामने नहीं आया है।