नकली पहचान से आधार कार्ड पाने के बाद डेटा लीक करने से सुरक्षा का खतरा हमेशा बना रहता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पाण्डेय ने इस बाबत कहा कि यूआईडी सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित हैं और आतंकवादियों, मनी लॉन्डर्स को रोकने में सक्षम है।
नकली आधार आईडी का इस्तेमाल नकली राशन या वोटर आईकार्ड के मुकाबले अपराधियों के लिए अधिक खतरनाक साबित होगा क्योंकि बायोमेट्रिक डेटा एक व्यक्ति को अधिक निश्चितता के साथ पहचान सकती है। पांडे ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को फर्जी पहचान के साथ आधार मिला है, तो वह अपनी पूरी जिंदगी उस फर्जी पहचान के साथ फंस जाएगा।।
अगर कोई शख्स कोई अपराध या आतंकवाद फैलाने की योजना बना रहा है और आधार कार्ड के इस्तेमाल से बैंक खाता खोलना चाहता है तो अधिकारियों को उसे ट्रैक करना ज्यादा आसान होता है।
कुछ सरकारी एजेंसियों के साथ कथित गोपनीयता भंग पर पांडे ने तर्क दिया कि उनकी वेबसाइटों पर आधार से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करने का मतलब यह नहीं है कि बॉयोमैट्रिक्स से समझौता कर लिया गया है। उन्होंने कहा, "यह कहना है कि आधार का उल्लंघन हुआ है या गोपनीयता खतरे में है, गलत है इसके अलावा ये भ्रामक और गैर जिम्मेदाराना भी है।"