आधार मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान को रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बैंकों को स्पष्ट किया है कि सरकारी सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन के लिए आधार ई-केवाईसी का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, अन्य बैंकिंग ग्राहकों के लिए आधार (त्वरित प्रतिक्रिया या क्यूआर कोड और ऑफलाइन आधार) के उपयोग के लिए विभिन्न विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, यूआईडीएआई द्वारा पिछले सप्ताह बैंकों को भेजे गए निर्देश में उन उदाहरणों और तरीकों का स्पष्ट जिक्र किया गया था, जिनमें आधार का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी एक प्रति आरबीआई को भी भेजी गई थी। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऑफलाइन मोड में ग्राहक की इच्छा से ही सत्यापन के लिए भौतिक आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि आधार के डिजिटल हस्ताक्षरित इलेक्ट्रॉनिक रूप के जरिए व्यवहार्य, पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल विकल्प उपलब्ध हैं, जो हमारे सर्वर को पिंग किए बिना पहचान सत्यापित करने की अनुमति देते हैं। इनके जरिए गैर डीबीटी ग्राहकों के लिए बैंकों द्वारा सेवाओं को निर्बाध और डिजिटल रूप से पेश किया जा सकता है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि यूआईडीएआई की ओर से बैंकों को निर्देश भेजे गए हैं, लेकिन विवरणों पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।