शिक्षकों के दस्तावेज और सर्टिफिकेट न लौटाने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई है। आयोग ने संस्थानों को आदेश दिया है कि नियुक्ति का विज्ञान निकालने के दौरान उन्हें दस्तावेज और प्रमाणपत्र को लेकर सही जानकारी देनी जरूरी है। प्रमाणपत्र की मूल कॉपी के बजाय वे फोटो कॉपी रख सकते हैं।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने इस संबंध में राज्यों और सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा, आयोग को जानकारी मिली है कि कई संस्थान शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज रख लेते हैं। जबकि मूल दस्तावेज संस्थान नहीं रख सकते। कई शिक्षकों की नौकरी छोड़ने के बाद भी उनके मूल दस्तावेज वापस नहीं किए जाते हैं। शिक्षकों को मूल दस्तावेज न मिलने के चलते नौकरी तलाशने में दिक्कत आती है। खासकर संविदा पर काम कर रहे शिक्षकों को।