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ओबीसी आरक्षण पर लालू के हंगामे के बाद यूजीसी ने दी सफाई

Wed, 08 Jun 2016 05:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दिल्ली।
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आयोग ने अपनी सफाई में कहा कि ओबीसी या अन्य कोई आरक्षण कम नहीं किया गया - फोटो : Getty
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देशभर के विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में ओबीसी आरक्षण का लाभ सिर्फ एंट्री लेवल यानी असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के दौरान मिलने का निर्देश यूजीसी द्वारा जारी होने के बाद लालू यादव ने इसे आरएसएस से जोड़ा तो आयोग ने अपनी सफाई में कहा कि ओबीसी या अन्य कोई आरक्षण कम नहीं किया गया है।
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यूजीसी ने 3 जून को सरकारी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटी को दाखिले और शिक्षकों की नियुक्ति के दौरान एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण का पालन करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश में लिखा था कि ओबीसी आरक्षण का लाभ सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर पद तक दिया जाए।

यूजीसी के इस निर्देश पर मंगलवार को लालू यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्मृति ईरानी ने आरएसएस के कहने पर ओबीसी आरक्षण खत्म कर दिया है। लालू यादव की तीखी प्रतिक्रिया के बाद राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज हुई तो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मंगलवार शाम को अपनी सफाई में प्रेस नोट जारी कर दिया। नोट में यूजीसी ने लिखा है कि ओबीसी या फिर अन्य कोई आरक्षण कम नहीं किया जा रहा है।
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ओबीसी आरक्षण का लाभ एंट्री लेवल यानी असिस्टेंट प्रोफेसर तक मिलेगा?

स्मृति ईरानी - फोटो : PTI
बताया जा रहा है कि यूजीसी ने शिक्षण संस्थानों को 24 जनवरी 2007 का दिशा-निर्देश दोबारा 3 जून 2016 को जारी कर दिया था। वर्ष 2007 में यूजीसी ने अपने पत्र में लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट ने मंडल कमीशन के मामले में फैसला दिया था कि ओबीसी में सिर्फ एंट्री लेवल पर उसका लाभ दिया जाए।

ओबीसी आरक्षण का लाभ एंट्री लेवल यानी असिस्टेंट प्रोफेसर तक मिलेगा। एसोसिएट प्रोफेसर या फिर प्रोफेसर को ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। बता दें कि यूजीसी के पास रिपोर्ट आयी है कि कई विश्वविद्यालयों या कॉलेजों में प्रबंधन अपनी मनमर्जी से नियमों के विपरीत एसोसिएट या प्रोफेसर लेवल पर भी लाभ दे रहें हैं।
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