जीएसटी के प्रभाव और सब्सिडी में कमी के कारण एलपीजी सिलेंडरों के लिए अब लोगों को 32 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके अलावा दो साल की अनिवार्य इंस्पेक्शन, इंस्टॉलेशन, नए कनेक्शन और अतिरिक्त सिलिंडर के दस्तावेजों के प्रशासनिक शुल्क पर पहले से ज्यादा खर्च करना पडेंगा क्योंकि नये कनेक्शन और एडिशनल एलपीजी को जीएसटी के तहत 18% स्लैब के अंदर रखा गया है।
बता दें कि एलपीजी को जीएसटी के 5 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है। इससे पहले कई राज्यों को एलपीजी के लिए टैक्स नहीं देना होता था, जबकि कुछ राज्य को 2 से 4 प्रतिशत तक वैट देना होता था। जीएसटी लागू किए जाने के बाद उन राज्यों में एलपीजी सिलिंडर की कीमत में 12-15 रुपये की वृद्धि होगी, जहां एलपीजी पर टैक्स नहीं लगता है। जिन राज्यों में वैट लिया जाता है, वहां यह जीएसटी की दर और प्रचलित टैक्स के अंतर पर निर्भर करेगा।
गौरतलब हो कि जीएसटी ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर में 69 रुपये की कटौती की है। मालूम हो कि इससे पहले कॉमर्शल इस्तेमाल वाले एलपीजी सिलिंडर में 22.5 प्रतिशत टैक्स लगता था, जिसमें 8 प्रतिशत एक्साइज टैक्स और 14.5 प्रतिशत वैट था, लेकिन जीएसटी के बाद सिर्फ इसपर 18 प्रतिशत टैक्स लग रहा है। इन सिलिंडरों की कीमत 1,121 से घटकर 1,052 रुपये हो गई है।