तमिलनडु के मन्नारगुडी निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार के विधायक और लोकसभा सांसद टीआर बालू के बेटे टीआरबी राजा ने ट्वीट कर उदयनिधि का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा, 'अंधकार दूर करने की शक्ति केवल सूर्य से ही संभव है। उदयनिधि तमिलनाडु सरकार के नए सूरज के रूप में चमकेंगे।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा अपने पुत्र उदयनिधि को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर सियासी बहस छिड़ गई है। उदयनिधि स्टालिन के उदय को सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) कार्यकर्ताओं और उत्साही पार्टी समर्थकों के लिए 'सूर्योदय' (Sunrise) का वक्त बताया जा रहा है। वहीं, विपक्ष के नेता इसे दिवंगत दिग्गज नेता सीएन अन्नादुराई द्वारा दशकों पहले स्थापित इस द्रविड पार्टी के लिए 'पुत्रोदय' (Sonrise) का अध्याय बता रहे हैं।
द्रमुक के न केवल युवा नेता उदयनिधि को मंत्री बनाने का समर्थन कर रहे हैं, बल्कि वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन भी 45 वर्षीय युवा नेता के प्रमोशन से खुश हैं। एलंगोवन ने कहा कि उदयनिधि को वरिष्ठ नेताओं का समर्थन हासिल है। उच्च शिक्षा मंत्री के पोनमुडी जैसे अन्य लोग भी लंबे समय से उदयनिधि को मंत्रिमंडल में शामिल करने का समर्थन कर रहे हैं। सीएम एमके स्टालिन और उनकी पत्नी दुर्गा के दो बच्चे हैं। उदयनिधि उनमें से एक हैं।
राजकुमार बन रहे कैबिनेट मंत्री, भविष्य में राजा होंगे
सत्तारूढ़ द्रमुक नेता भले उदयनिधि को मंत्री बनाने से गदगद हैं, लेकिन विपक्ष उसे आड़े हाथों ले रहा है। विपक्ष दल अन्नाद्रमुक व भाजपा ने इसे 'नए युग की वंशवादी राजनीति' और द्रमुक में एक बार फिर बेटे का उदय करार दिया है। अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने टिप्पणी की 'राजकुमार आकर्षक को कैबिनेट मंत्री बनाया जा रहा है और भविष्य में उन्हें राजा के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।'
सत्यन ने स्टालिन के अपने परिवार को सरकार में पदों से दूर रखने के वादे के बारे में वायरल हो रहे वीडियो का जिक्र कर कहा कि सीएम ने लोगों से झूठ बोला है। पार्टी के लिए काम करने वाले लोग सड़कों पर सड़ रहे हैं और जिस तरह से पार्टी काम कर रही है वह अलोकतांत्रिक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि युवा द्रमुक नेता 2024 के संसदीय चुनावों से पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री बनेंगे और 2026 के विधानसभा चुनावों में डीएमके के सीएम उम्मीदवार होंगे।
वंशवाद की राजनीति लोकतंत्र में अच्छी नहीं
उधर, तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष नारायणन थिरुपति ने भी स्टालिन को उनका पुराना वादा याद दिलाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब स्टालिन विपक्ष में थे तो उन्होंने क्या कहा था। उन्होंने कहा था कि उनके परिवार के सदस्य राजनीति में नहीं आएंगे या सत्ता हासिल नहीं करेंगे। वंशवाद की राजनीति लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।