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'मराठी डांडिया' पर मची रार: उद्धव गुट बोला- ऐसे नहीं लगा पाएंगे समुदाय में सेंध, भाजपा ने किया ये पलटवार

Wed, 28 Sep 2022 09:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

जल्दी ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अहम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इन चुनावों से पहले भाजपा मराठी वोटरों को अपने पाले में करने के लिए गणेशोत्सव, मराठी कट्टा जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इससे पहले 2017 के बीएमसी चुनावों में शिवसेना ने 84 सीटें जीतीं थीं। वहीं, भाजपा ने कड़ी टक्कर देते हुए 82 सीटों पर जीत हासिल की थी। 
 
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देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंबई के मराठी बहुल इलाकों में भाजपा की मराठी डांडिया आयोजित करने की घोषणा के बाद शिवसेना उद्धव गुट और भगवा पार्टी में रार छिड़ गई है। इस आयोजन को लेकर शिवसेना के उद्धव गुट ने भाजपा पर तंज कसा है। अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि भाजपा भ्रम में है, अगर उसे लगता है कि ऐसे आयोजनों से वह मराठी समुदाय की एकता को कम कर सकती है। वहीं, भाजपा ने भी उनके इस बयान पर पलटवार किया है। मुंबई भाजपा ने कहा कि शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार द्वारा त्योहारों से प्रतिबंध हटाने और लोगों को पूरे उत्साह के साथ त्योहार मनाने की अनुमति देने से ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को जलन हो रही है। 

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दरअसल, भाजपा ने चल रहे नवरात्रि उत्सव के दौरान मुख्य रूप से मराठी भाषी क्षेत्रों में मराठी डांडिया आयोजित करने की योजना की घोषणा की है। इसमें प्रतिभागियों के लिए ज्यादातर मराठी गाने बजाए जाएंगे। वहीं, मुंबई नगर निकाय चुनाव से पहले इन आयोजनों को भाजपा द्वारा मराठी वोटरों को अपने पक्ष में करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। नगर निकाय चुनाव में ये वोटर परंपरागत रूप से शिवसेना के साथ ही रहे हैं। ऐसे में भाजपा के इन प्रयासों पर उद्धव ठाकरे गुट ने तंज कसा है। 

अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कहा कि मराठी डांडिया जैसे आयोजनों का उद्देश्य महानगर में अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में पार्टी से मुकाबला करना है। लालबाग, सेवरी, भायखला, परेल और मझगांव में मराठी डांडिया का आयोजन कर कमलाबाई (भाजपा) मराठी मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रही है। गणेशोत्सव के बाद अब बीजेपी अपने राजनीतिक मकसद के लिए नवरात्रि का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन यह उनका भ्रम है। 
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संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मराठी मानुषों के बीच शिवसेना के समर्थन में सेंध नहीं लगेगी। यह और कुछ नहीं बल्कि भगवा ध्वज को नीचे लाने के लिए दिलीश्वर (पीएम मोदी) की कोशिशें है।

शिवसेना के इस बयान के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया है। मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार ने पलटवार करते हुए कहा कि शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार ने त्योहारों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है और लोगों को पूरे उत्साह के साथ त्योहार मनाने की अनुमति दे दी है। सरकार के इस कदम से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को जलन हो रही है। हमला करते हुए शेलार ने कहा कि जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने ढाई साल के लिए मंदिरों को बंद कर दिया था। इतना ही नहीं, गणेश, नवरात्रि और दही हांडी त्योहारों को भी रोक दिया था।

गौरतलब है कि जल्दी ही मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अहम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इन चुनावों से पहले भाजपा मराठी वोटरों को अपने पाले में करने के लिए गणेशोत्सव, मराठी कट्टा जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इससे पहले 2017 के बीएमसी चुनावों में शिवसेना ने 84 सीटें जीतीं थीं। वहीं, भाजपा ने कड़ी टक्कर देते हुए 82 सीटों पर जीत हासिल की थी। 

थर्ड जेंडर्स को मिलेगी छूट
महाराष्ट्र सरकार ने नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने पर आवासीय प्रमाण और पहचान प्रमाण के लिए थर्ड जेंडर के व्यक्तियों को छूट देने का प्रस्ताव जारी किया है। अब यदि उनके नाम राज्य एड्स नियंत्रण समिति में पंजीकृत हैं या उनके पास मतदाता पहचान पत्र है, जहां उन्हें तीसरे लिंग के व्यक्तियों के रूप में घोषित किया गया है तो उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा। 

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