उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच फिर से एक साथ आने की चर्चा और स्थानीय निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक खामोशी के माहौल में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बुधवार को कहा कि वह महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख से बातचीत को लेकर सकारात्मक है।
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब ने कहा कि राज ठाकरे को महाराष्ट्र के हित में फैसला लेना होगा कि वह उद्धव ठाकरे से हाथ मिलाना चाहते हैं या नहीं। परब ने पत्रकारों से कहा, उद्धव ठाकरे पहले ही कह चुके हैं कि वह सारे विवादों को भुलाकर साथ आने को तैयार हैं। अब फैसला राज ठाकरे को लेना है। उन्हें महाराष्ट्र के हित में सोचना चाहिए, हम बातचीत को लेकर सकारात्मक हैं।
उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) ने कभी भी बातचीत के रास्ते बंद नहीं किए हैं और महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि दोनों ठाकरे भाई साथ आएं। परब ने कहा, अगर दोनों वरिष्ठ नेता मिलते हैं, तो वही अंतिम फैसला लेंगे। जो भी फैसला होगा, पार्टी उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी। चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तब दोनों नेता फैसला लेंगे। उन्होंने आगे कहा, मैं तो एक जूनियर नेता हूं, फैसला उनके ऊपर ही है।
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दोनों चचेरे भाईयों ने अप्रैल के अंत में ऐसे बयान दिए थे, जिससे यह अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि वे छोटी-मोटी बातों को दरकिनार करके साथ आ सकते हैं। लेकिन मनसे के कुछ नेताओं के विरोध के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी। इस बीच, परब ने एनसीपी नेता छगन भुजबल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा ने अपने ही उसूल छोड़ दिए हैं। सरकार के पास बहुमत है, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता नाराज हैं। उन्हें सत्ता में लाने में उन्होंने मेहनत की, पर उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। अब सरकार अंदरूनी सियासत में उलझी है।
स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर परब ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ओबीसी आरक्षण लागू करके जिला परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव चार महीनों के भीतर होने चाहिए। उन्होंने बताया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में कोई आरक्षण से जुड़ी बाधा नहीं है। परब ने चुनाव की देरी पर सवाल उठाते हुए कहा, केवल यह तय करना बाकी है कि सीटें 227 होंगी या 236। चुनाव में कोई रोक नहीं है, तो चुनाव कल भी कराए जा सकते हैं।
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परब ने भाजपा विधायक और मंत्री आशीष शेलार के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें शेलार ने शिवसेना (यूबीटी) की बीएमसी चुनाव में जीत की संभावनाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, क्या वह (आशीष शेलार) ज्योतिषी हैं? हमारे 50 पार्षद आएं या उससे ज्यादा, फैसला जनता करेगी। क्या आप अब मुंबई के अकेले सेवक बनना चाहते हैं? सभी सेवक चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं। क्या आप मालिक बनना चाहते हैं?