संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भारत का समर्थन किया है। भारत में यूएई के राजदूत अहमद-अल-बन्ना ने कहा कि यूएई ने जम्मू-कश्मीर राज्य से संबंधित भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के कुछ वर्गों को खत्म करने के भारत सरकार के फैसले पर ध्यान दिया है।
अहमद-अल-बन्ना ने कहा कि राज्यों का पुनर्गठन स्वतंत्र भारत के इतिहास में कोई अनोखी घटना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय असमानता को कम करना और दक्षता में सुधार करना था। यह भारतीय संविधान द्वारा निर्धारित आंतरिक मामला है।
यूएई से पहले श्रीलंका ने भी भारत के इस फैसले का समर्थन किया था। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख का गठन भारत का आंतरिक मामला है।
रानिल विक्रमसिंघे ने ट्वीट कर कहा, लद्दाख एक भारतीय राज्य बन जाएगा। लद्दाख की 70 फीसदी आबादी बौद्ध होने के कारण यह पहला बौद्ध बहुल्य भारतीय राज्य बन जाएगा। लद्दाख राज्य का निर्माण और पुनर्गठन भारत का आंतरिक मामला है, यह एक सुंदर क्षेत्र है जहां एक बार जरूर घूमने जाना चाहिए।