प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं। केंद्र सरकार 25 मई को इंडिया गेट पर एक बड़े आयोजन के जरिये जनता के सामनेे अपने दो साल के कामकाज का हिसाब रखेगी। इस बार प्रधानमंत्री कार्यालय सरकार के मंत्रियों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति की समीक्षा भी करेगा। इस बात की भनक लगते ही सरकार के वे मंत्री भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं, जिनका अभी तक इस क्षेत्र से कोई नाता नहीं था। कई मंत्री तो ट्विटर और फेसबुक पर देर रात तक सक्रिय रहते हैं ताकि पीएमओ की समीक्षा रिपोर्ट में पीछे न चले जाएं।
सूत्र बताते हैं कि बीते महीने पीएमओ की ओर से सभी मंत्रियों को एक पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे पूछा गया है कि सोशल मीडिया पर वे कहां खडे़ हैं। मंत्रियों को पत्र के साथ भेजे गए प्रोफार्मा को भरकर वापस पीएमओ को देना है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर मंत्रियों की उपस्थिति का हिसाब रखने के लिए पीएमओ में एक विशेष विंग बनी है। मोदी के मंत्रियों पर इस कवायद का साफ असर दिख रहा है।
पुराने राजनीतिक ढर्रे पर चलने वाले राधा मोहन सिंह, चौ. बीरेंद्र सिंह, थावर चंद गहलोत, संतोष गंगवार, कलराज मिश्र और बंडारू दत्तात्रेय सरीखे मंत्री भी अब सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। राधा मोहन देर रात तक सोशल मीडिया के जरिये अपने मंत्रालय को लेकर हो रही चर्चाओं का जवाब दे रहे हैं। कुछ नेताओं ने तो दो-तीन लोगों का स्टाफ रख लिया है। दरअसल पीएम मोदी सोशल मीडिया की ताकत को अच्छी तरह से जानते हैं। लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसका जमकर इस्तेमाल किया था।