जिले की एक अदालत ने चार साल पहले एक शख्स की हत्या करने के दोषी दो लोगों को आज मौत की सजा सुनाई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यानंद ने बृजलाल मुर्मु और सोहोन मांझी को 14 नवंबर 2014 को पसारिया गांव में छोटेलाल किष्कू की बेरहमी से हत्या करने के मामले में फांसी की सजा सुनाई।
मामले में अन्य सात आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। मांझी का बेटा घटना से कुछ दिन पहले मर गया था और ऐसी अफवाह थी कि उसकी मौत किशकु के काला जादू करने की वजह से हुई थी।
मुकदमे के दौरान लोक अभियोजक उदय प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि मुर्मु और मांझी समेत नौ लोगों ने कुल्हाड़ी और डंडे से किशकु पर हमला किया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।