भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के और कदम से चिंतित हैं। पहले से ही एच-1बी वीजा से परेशान कंपनियां अमेरिका की दो और कानूनों में परिवर्तन से आशंकित हैं। इसे अमेरिकी कांग्रेस में संज्ञान में लिया।
एच-1बी वीजा बिल में जहां न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर दोगुना (130000 अमेरिकी डॉलर) करने का प्रस्ताव है, वहीं 'एंड ऑफ आउटसोर्सिंग एक्ट' में आउटसोर्सिंग को बैन करने का प्रस्ताव है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इसके साथ ही 2007 का एक विधेयक है जिसे सांसद चक ग्रैसली और डिक डर्बिन ने दोबारा पेश किया है। इसमें विजा सुधार की बात की गई है।