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केरल लव जिहाद मामले पर SC में सुनवाई आज, दो और नई याचिकाएं दाखिल

Mon, 09 Oct 2017 09:10 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
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केरल के कथित लव जिहाद मामले की सुनवाई सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होनी है, जिसमें राष्ट्रीय जांच सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) से जांच की लगातार मांग की जा रही है। दरअसल, केस में नया मोड़ सामने आया है और माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
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लव जिहाद मामले से ही जुड़ी दो और याचिकाएं डाली गई हैं, जिसमें पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी लड़कियों को भी बहला-फुसला कर फंसाया गया है।

एक याचिका केरल के एक पिता बिंदू की तरफ से डाली गई है और उनका आरोप है कि उनकी बेटी निमाशा इस्लाम कबूल कर फातिमा बन गई है। उसने ईसाई धर्म के लड़के से शादी की है, जिसने भी इस्लाम कबूल लिया। लड़के पर आरोप है कि वो आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ है।

पढ़ें: केरल लव जिहाद: युवती की दर्दनाक कहानी, बोली- मौत मिले तो बतौर मुस्लिम ही

दूसरी याचिका सुमाथी आर्या की ओर डाली गई है जो की महाराष्ट्र के लातूर की है। सुमाथी के परिजनों का आरोप है कि उसे जबरन इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया गया है और निर्देश दिए गए कि वो आईएसएस या सिमी जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़ जाए।
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युवकों को आतंकी संगठन देते हैं टारगेट

ये याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में वकील ऐशवर्या भाटी की ओर से डाली गई हैं। उनका कहना है कि इन युवकों को आतंकी संगठनों की ओर से लव जिहाद का टारगेट दिया जाता है। वो दो हफ्ते के अंदर लड़कियों को फंसाते हैं और फिर उनसे 6 महीने में इस्लाम कबूल करवाते हैं। वकील के मुताबिक इन सभी युवकों को महंगे कपड़ों से लेकर गाड़ी और कई चीजें आतंकी संगठन की ओर से दी जाती हैं और टारगेट दिया जाता है कि वे लड़कियों को फंसाए और आतंकी संगठनों में शामिल कराएं।
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सुप्रीम कोर्ट पहले भी दे चुका है NIA जांच के आदेश

राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एनआईए जांच ने कराने की मांग की गई है और इसी पर आज सुनवाई होनी है। दरअसल, इस्लाम कबूल चुकी अखिला ने मुस्लिम युवक शफीन जहान से शादी की है, केरल हाईकोर्ट शादी को रद्द कर चुका है। हादिया बन चुकी अखिला को परिवार की कस्टडी में सौंप दिया गया है, लेकिन वो जहान के साथ ही रहना चाहती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए जांच के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए से कहा था कि हिंदू महिला के धर्म परिवर्तन और मुस्लिम युवक से शादी मामले की जांच करे क्योंकि एजेंसी ने दावा किया था कि यह कोई अलग मामला नहीं है बल्कि केरल में यह ‘सिलसिला’ चल पड़ा है।

अदालत ने एनआईए को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन की निगरानी में घटना की जांच के आदेश दिए थे। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इंटरनेट गेम ‘ब्लू व्हेल’ की तरह किसी को गुमराह कर जोखिम भरा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
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