मुंबई के दो परिवार के लिए गुरुवार का दिन खास रहा, क्योंकि उनके दो सदस्यों को इस दिन नई जिंदगी मिली। मुंबई के मुलुंद अस्पताल में एक बाद एक दो लोगों का हार्ट ट्रांसप्लांट महज चार घंटे में किया गया। दोनों ही डोनर महिला हैं, जिनके परिवारों के योगदान से दो लोगों की जान बच गई। वहीं इस साल महाराष्ट्र में मृत डोनरों की संख्या 70 से ज्यादा हो चुकी है।
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कोल्हापूर की रहने वाली 22 वर्षीय ब्रेन डेड महिला के हार्ट को घाटकोपर की रहने वाली एक 24 वर्षीय स्टूडेंट के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया। ब्रेन डेड महिला का इलाज पुणे के रुबी हॉल क्लिनिक में चल रहा था। जहां से उसका हार्ट ग्रीन कॉरिडोर के जरिए फोर्टिस अस्पताल में लाया गया।
वहीं दूसरा हार्ड एक 45 साल की महिला का था, जिसे जनवारी में हुए एक रेल हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। महिला के पति और बच्चे उसके हार्ट, लिवर और किडनी को डोनेट करने के लिए तैयार हो गए। महिला के हार्ट को 54 वर्षीय एक पुरुष के शरीर में लगाया गया। इस हार्ट को मुलुंद महज 16 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर के जरिए पहुंचाया गया।