बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए कर्ज बांटने वाले आईएलएंडएफएस समूह के आर्थिक संकट का पिछले साल सितंबर तक किसी को भी आभास नहीं था। सितंबर, 2018 से समूह की सहायक कंपनियों ने विभिन्न वित्तीय संस्थानों से उठाए सस्ते ऋण की किस्तें चुकाना बंद कर दिया।
इसके बाद हुई जांच में कंपनी पर करीब 91000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया होने और उसका दिया अधिकतर कर्ज एनपीए हो जाने की बात सामने आई। इस संकट की वजह से सरकार को आईएलएंडएफएस समूह के निदेशक मंडल को भंग कर नए बोर्ड की नियुक्ति करनी पड़ी थी।
यह केस बना था जांच का कारण
एन्सो इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशक आशीष बेगवानी ने पिछले साल आईएलएंडएफएस रेल लिमिटेड के अधिकारियों के घोटाले के कारण खुद को 70 करोड़ रुपये का नुकसान होने का मुकदमा दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू के पास दर्ज कराया था।
आशीष ने 2010 में रेल लिमिटेड में 170 करोड़ रुपये का निवेश कर 15 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी। हालांकि आशीष से भी पहले 2017 की शुरुआत में ही एक व्हिसलब्लोअर की तरफ से कंपनी की अनियमितताओं का मुद्दा उठाए जाने की बात भी जांच में सामने आई थी। हालांकि इस शिकायत को कंपनी प्रबंधन ने दबा दिया था।
अधिकारियों ने शौक पूरे करने को बांटे कर्ज
एसआईएफओ की जांच में सामने आया था कि कंपनी के पूर्व शीर्ष अधिकारियों ने अपने निजी शौक पूरे करने के लिए फर्जीवाड़े को बढ़ावा दिया। इन अधिकारियों ने विदेश यात्रा, निजी जेट में सफर, हेलीकॉप्टर में घूमने और विदेशी सामानों से घर को सजाने के बदले नियम विरुद्ध कर्ज बांटे थे, जो बाद में वापस नहीं मिले।