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पीएम मोदी के कार्यालय में दो अनुभवी ‘पीके’, एक अर्थशास्त्र तो दूसरे आपदा प्रबंधन में माहिर

Thu, 12 Sep 2019 06:22 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आपदा प्रबंधन में माहिर डॉ. पीके मिश्रा ससेक्स यूनिवर्सिटी से पीएचडी हैं
  • विश्व बैंक के प्रोजेक्ट क्रियान्वयन का चार साल से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव 
  • अर्थशास्त्र में स्नातक और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर हैं पीके सिन्हा
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PK mishra and PK Sinha - फोटो : Social Media
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवनियुक्त प्रधान सचिव डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा गुजरात कैडर के 1972 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह अभी प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव का काम संभाल रहे थे। प्रशासनिक और नीति बनने के अलावा आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे व कृषि जैसे क्षेत्रों में उन्हें काम करने का लंबा अनुभव है। 

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अर्थशास्त्र/विकास अध्ययन में ससेक्स यूनिवर्सिटी से पीएचडी डिग्रीधारी डॉ. मिश्रा का ब्रिटेन में विकास अध्ययन और शोध के अलावा एडीबी और विश्व बैंक के प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का चार साल से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है।

डॉ. मिश्रा को हाल ही में आपदा प्रबंधन के लिए अमेरिका ने प्रतिष्ठित अंतराष्ट्रीय पुरस्कार एसएएसएकेएडब्ल्यूए अवार्ड 2019 प्रदान किया है। 1970 में संबलपुर यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक डॉ. मिश्रा ने डिस्टिंशन के साथ पास किया था। उस साल वह ओडिशा के सभी विश्वविद्यालयों में अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले इकलौते छात्र थे। इसके अलावा उन्होंने आपदा प्रबंधन सहित अन्य विषयों पर कई पुस्तकें लिखी हैं।
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पीके सिन्हा करेंगे 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनाने का सपना साकार

पूर्व कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा को बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रधान सलाहकार नियुक्त किया गया। यूपी कैडर के 1977 बैच के आईएएस अधिकारी पीके सिन्हा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातकोत्तर हैं। सिन्हा 42 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद करीब 20 वर्षों तक ऊर्जा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में काम किया।

सिन्हा को अगले पांच वर्षों में आधारभूत संरचना में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की निगरानी के लिए सक्षम माना जा रहा है। यह योजना देश को 50 खरब की अर्थव्यवस्था बनाने का हिस्सा है। गौरतलब है कि नृपेंद्र मिश्र के पदमुक्त होने के बाद सिन्हा को प्रधानमंत्री का प्रधान सलाहकार नियुक्त किया गया है। 

वह अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के पद पर काम कर रहे थे। उनका कार्यकाल 11 सितंबर, 2019 से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक वह इस पद पर बने रहेंगे। सिन्हा का विभिन्न मंत्रालयों में काम करने का लंबा अनुभव है।

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