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गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देने पर दो डॉक्टरों पर लगा 15 लाख का जुर्माना

Fri, 20 May 2016 03:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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मध्यप्रदेश की उपभोक्ता आयोग बेंच ने इंदौर के एक निजी अस्पताल और उसके दो डॉक्टरों पर 15 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आयोग ने यह जुर्माना डॉक्टरों और अस्पताल की लापरवाही के लिए लगाया है। बेंच ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह रकम उस सात वर्षीय बच्ची को दी जाए जिसकी मां की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट गलत दी गई थी।
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आयोग ने कहा है कि डॉक्टरों और अस्पताल की लापरवाही के कारण ही बिना एक हाथ और एक किडनी की बच्ची का जन्म हुआ था। नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमिशन (एनसीडीआरसी) की मध्यप्रदेश पीठ की अध्यक्षता कर रहे जेएम मलिक ने कहा कि विशेष हॉस्पिटल और इसके दो डॉक्टर उस बच्ची को यह रकम देंगे।

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, आयोग ने जिन डॉक्टरों को यह आदेश दिया है वह अस्पताल में अल्ट्रासोनोग्राफी विभाग में भ्रूण के विकास का अध्ययन करते हैं। बेंच ने कहा कि अगर दो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार करते हैं और दोनों अपनी रिपोर्ट में भ्रूण का सही विकास यानी पेट में पल रहे बच्चे के सभी अंग ठीक बताते हैं तो यह गंभीर मसला है।
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अल्ट्रासाउंड की दोनों रिपोर्टों में दी गलत जानकारी

बेंच ने मामले में दोनों डॉक्‍टरों को दोषी ठहराया है। वहीं बच्ची ने पिता ने बताया कि उनकी पत्नी के पेट में जब बच्चा था तो उन्होंने भ्रूण के विकास के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए ही अल्ट्रासाउंड कराया था। अस्पताल से जब अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट दी गई तो रिपोर्ट में भ्रूण का सही विकास होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि पेट में पल रहे बच्चा बिल्कुल ठीक है।

बच्ची के पिता ने आरोप लगाया उन्होंने दो बार अल्ट्रा साउंड कराया और दोनों ही बार डॉक्टरों ने बच्‍चे के सही होने का दावा किया था। यह केस डॉक्टरों की घोर लापरवाही और मरीज को अनदेखी को दर्शाता है। यही कारण है कि उनकी बच्ची बिना एक हाथ और एक किडनी के पैदा हुई।

वहीं डॉक्टरों ने पीड़ित पिता के आरोपों को खारिज किया है। डॉक्टरों ने आयोग के सामने अपनी दलील दी है कि जब उन्होंने अल्ट्रासाउंड किया तब एक करवट के बल था ऐसे में उसका एक हाथ ही देखा जा सकता था। उन्होंने कहा एक साइड से देखने में बच्चा बिल्कुल फिट था इसलिए उन पर आरोप मढ़ना जायज नहीं है। लेकिन बेंच ने डॉक्टरों की दलील को मानने से इनकार कर दिया।
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