केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को दिल्ली छावनी स्थित मानेकशॉ सेंटर में दो दिवसीय 'असमिया प्रतिदिन कॉन्क्लेव 2022' का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन असम और पूर्वोत्तर भारत के मुद्दों को उठाने और राष्ट्रीय राजधानी के सत्ता गलियारों में उन पर सार्थक चर्चा करने के उद्देश्य से किया गया है।
पहले दिन कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इसमें राष्ट्रवाद व क्षेत्रवाद, असम के चाय उद्योग और उसके भविष्य, पूर्वोत्तर में स्थायी पर्यटन व उनके विस्तार के तरीके, ऊर्जा सुरक्षा, वनों की कटाई और औद्योगीकरण से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह ने उद्घाटन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर को विकास के मामले में पूरे देश से अलग थलग छोड़ दिया गया था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमारी सरकार पूर्वोत्तर में प्रगति लाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए काम कर रही है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने डॉ. भूपेन हजारिका की एक कविता भी सुनाई और असम और पूर्वोत्तर के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को आश्वस्त किया। इसके बाद पहला सत्र 'राष्ट्रवाद के साथ क्षेत्रवाद' विषय पर शुरू हुआ। इसमें आसू के मुख्य सलाहकार डॉ समुज्जल कुमार भट्टाचार्जी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप सैकिया और असम एपीसीसी के अध्यक्ष भूपेन बोरा शामिल थे।