केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित करीब दो करोड़ निर्माण मजदूरों को 5,000 करोड़ रुपये की राहत मुहैया कराई है।
श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को कहा कि महामारी के प्रकोप से मजदूरों और उद्योग को उबारने के लिए मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत करीब दो करोड़ निर्माण मजदूरों के बैंक खातों में 5,000 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं।
श्रम मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय (सीएलसी), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में गंगवार ने कहा कि मजदूरों के खाते में आसान तरीके से पैसे जमा कराने के लिए 80 अधिकारियों को लगाया गया था। ईएसआईसी और ईपीएफओ के नोडल अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों ने कर्मचारियों की मुश्किलों के निवारण के लिए रात-दिन काम किया।
ईपीएफओ ने 12,220 करोड़ का किया भुगतान
श्रम मंत्री का कहना है कि सीएलसी (केंद्रीय), ईपीएफओ और ईएसआईसी के 20 नियंत्रण कक्षों में महामारी के दौरान 16,000 से अधिक शिकायतें आईं। इनमें 96 फीसदी का निवारण समयसीमा के भीतर किया गया। उन्होंने बताया कि ईपीएफओ कार्यालयों ने इस दौरान कोविड-19 अग्रिम दावे के 47.58 लाख मामलों का निस्तारण कर 12,220.26 करोड़ रुपये का भुगतान किया।