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Assam: वन्यजीव अभयारण्य में वन रक्षक की गोली लगने से दो भाइयों की मौत, सीएम सरमा ने जांच के आदेश दिए

Sat, 22 Jun 2024 11:40 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नगांव (असम)

सार

असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा पिछली रात सुत्रिपार गांव के लोग लावखुआ-बुराचपारी रिजर्व फॉरेस्ट में घुस गए। गश्त कर रहे वन रक्षकों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक गार्ड ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप समरुद्दीन (35) और अब्दुल जलील (40) की मौत हो गई। 
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असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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असम के नगांव जिले में लाओखोवा वन्यजीव अभयारण्य में शुक्रवार देर रात एक वन्य रक्षक की गोली से दो भाइयों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों ने मछली पकड़ने के लिए अवैध रूप से अभयारण्य में प्रवेश किया था। शनिवार को दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम स्थानीय अस्पताल में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। इस मामले का मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मुख्य सचिव को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, रूपोहीहाट से कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा ने मृतकों के घर जाकर घटना की जांच कराने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। 

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सीएम सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, पिछली रात सुत्रिपार गांव के लोग लावखुआ-बुराचपारी रिजर्व फॉरेस्ट में घुस गए। गश्त कर रहे वन रक्षकों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक गार्ड ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप समरुद्दीन (35) और अब्दुल जलील (40) की मौत हो गई। इस मामले में मैंने असम के मुख्य सचिव को तुरंत एक जांच गठित करने का निर्देश दिया है।

आधी रात अवैध रूप से अभयारण्य में घुसे थे दोनों भाई
वहीं, स्थानीय पुलिस सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि दोनों भाई मछुआरे थे। वह मछली पकड़ने के लिए आधी रात अवैध रूप से लाओखोवा वन्यजीव अभयारण्य के इलाके में दाखिल हुए। जब वन रक्षकों ने उन्हें देखा तो रुकने के लिए कहा, लेकिन दोनों भाइयो ने वन रक्षकों पर गोली चलाकर भागने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में वन रक्षक ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान वन रक्षक की गोली लगने से दोनों भाइयों की मौत हो गई।
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कांग्रेस विधायक ने गरीब परिवारों को मुआवजा देने की मांग की
घटना के बाद रूपोहीहाट से कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा मृतकों के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि अगर दोनों भाइयों ने भागने की कोशिश की थी, तो उनके पैर में गोली मारी जानी चाहिए थी। वन विभाग को जवाब देना होगा कि उन्होंने दोनों गरीब मछुआरों को क्यों मारा। इस दौरान विधायक ने गरीब परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। 
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वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाई मछुआरे थे और पहले भी रौमारी बील में मछली पकड़ने गए थे।

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