पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मुर्शिदाबाद जिले से दो युवकों को जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दोनों को पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया, जिसने उनके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुर्शिदाबाद निवासी जुहाब शेख नामक एक आरोपी को कुछ दिन पहले निगरानी के दौरान उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि उसके संबंध पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से थे।
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दोनों आरोपी सिम कार्ड बेचने के व्यापार में शामिल
पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर मुर्शिदाबाद जिले के बेरहामपुर से सुमन शेख नामक एक अन्य युवक को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों आरोपी सिम कार्ड बेचने के व्यापार में शामिल थे।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने भोले-भाले लोगों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड हासिल किए और उन नंबरों का उपयोग करके व्हाट्सएप अकाउंट बनाए। उन्होंने सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जनरेट किए गए वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को पाकिस्तान में अपने सहयोगियों के साथ साझा किया, जिससे वे दूर से ही उन अकाउंट्स को नियंत्रित और संचालित कर सकते थे।
ओटीपी देने पर आई बैंक खातों में बड़ी रकम
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने इस तरह कम से कम सात बार ओटीपी कार्ड साझा किए होंगे। इसके बदले में उन्हें कथित तौर पर बड़ी रकम मिली, जिसका पता उनके बैंक खातों में लगाया गया। अधिकारियों को संदेह है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल करके बनाए गए खातों का इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित गुर्गों द्वारा भारत में व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए किया गया होगा।
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जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या इन खातों के माध्यम से कोई संवेदनशील जानकारी या डेटा प्राप्त किया गया या प्रसारित किया गया और क्या इस नेटवर्क में और भी व्यक्ति शामिल थे। एसटीएफ के साइबर विशेषज्ञों ने कथित ऑपरेशन की पहचान करने और आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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