क्राइम ब्रांच ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच करने और अपने सूत्रों से जानकारी जुटाने के बाद पांच संदिग्धों में से मेहुल ठाकोर और भोला ठाकोर नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को खोकड़ा इलाके में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को तोड़ने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद दलित समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और मंगलवार को इलाके की दुकानों को बंद करने के लिए मजबूर किया।
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पांच में से दो संदिग्ध काबू
क्राइम ब्रांच ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच करने और अपने सूत्रों से जानकारी प्राप्त करने के बाद पांच संदिग्धों में से मेहुल ठाकोर और भोला ठाकोर नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि मेहुल ठाकोर, जो एक हिस्ट्रीशीटर है और 2020 में शराबबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था, ने मूर्ति को तोड़ने की बात स्वीकार की है।
2018 में भी हुई थी झड़प
उन्होंने बताया कि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। ठाकोर और दलित समुदाय के लोग एक-दूसरे के पास रहते हैं और इलाके में पहले भी समुदायों के बीच झड़पें हो चुकी हैं। इस मामले में आरोपी जयेश ठाकोर को 2018 में दोनों समुदायों के बीच झड़प के बाद उपद्रव के मामले में दर्ज किया गया था।
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रात में लिया मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का फैसला
सिंघल ने कहा, 'आरोपी रात के समय इलाके में घूम रहे थे और मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का निर्णय किया। उनमें से एक ने पत्थर उठाकर मूर्ति तोड़ना शुरू किया। सभी पांच आरोपी एक चाय की दुकान पर मिले थे और अपराध करने का फैसला लिया था।'
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने) और 298 (पूजा स्थल को अपवित्र करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।