रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 12813 हावड़ा टाटानगर स्टील एक्सप्रेस पर पथराव करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। दक्षिण-पूर्व रेलवे (एसईआर) के एक अधिकारी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। यह घटना एसईआर के खड़गपुर डिवीजन के गालुडीह-राखामाइंस खंड में घाटशिला स्टेशन पर रात के 9:20 मिनट पर घटी।
मामले की जांच करते हुए आरपीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की उम्र 19 और 24 साल है। दोनों झारखंड के पूर्वी सिंहभूम का रहने वाला है। दोनों पर चाईबासा की एक अदालत में मुकदमा चल रहा है। यह घटना महाराष्ट्र के जलगांव में ट्रेन हादसे के बाद सामने आई।
कैसे हुआ जलगांव ट्रेन हादसा
उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम एक ट्रेन में आग की अफवाह फैली। जिसके कारण यात्री दहशत में आ गए। घबराए यात्रियों ने ट्रेन से बाहर कूदना शुरू कर दिया। इस दौरान पटरी पर उतरे कुछ यात्री पास की पटरी पर विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने इस हादसे में कम से कम 13 यात्रियों की मौत होने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि हादसा उस समय हुआ, जब 12533 लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस में सवार यात्री आग लगने के डर से जल्दबाजी में बगल की पटरियों पर कूद गए और बंगलूरू से दिल्ली जा रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने इस बात से इनकार किया कि डिब्बे के अंदर किसी चिंगारी या आग के कारण यात्रियों ने अलार्म बजाया। उन्होंने बताया कि हमें जो सूचना मिली है उसके अनुसार कोच में कोई चिंगारी या आग नहीं देखी गई। इस बीच स्विटजरलैंड के दावोस से एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ट्रेन में कुछ यात्रियों ने गलती से मान लिया कि ट्रेन से धुआं निकल रहा है और वे कूद गए। दुर्भाग्य से वे दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। उन्होंने इस त्रासदी में मारे गए यात्रियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सेंट्रल सर्किल के रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे।
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