मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने शनिवार को गैंगस्टर इकबाल मिर्ची से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके दो सहयोगियों हारून यूसुफ और हुमायूं मर्चेंट को जमानत देने से इनकार कर दिया। हारून और मर्चेंट को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिर्ची से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है।
हालांकि, विशेष पीएमएलए जज पी. राजवाड़िया ने मिर्ची की प्रापर्टी में ब्रोकर रहे रंजीत बिंद्रा और रिंकू देशपांडे को जमानत दे दी। रिंकू के जरिए ही बिंद्रा को मिर्ची की प्रापर्टी में कमीशन मिली थी। सुनवाई को दौरान आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि संगठित अपराध के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का यह संवेदनशील मामला है।
ऐसी संभावना है कि मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए आए इन पैसों का इस्तेमाल आतंकवाद के वित्त पोषण में किया गया होगा, जिसकी जांच चल रही है। आरोप है कि इकबाल मिर्ची ने अपनी रॉकसाइड इंटरप्राइजेज के माध्यम से सितंबर, 1986 में सर मोहम्मद यूसुफ ट्रस्ट की वरली स्थित तीन संपत्तियों को खरीदा था। मिर्ची की 2013 में लंदन में मौत हो गई थी, जो दाऊद इब्राहिम का करीबी था।