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विवाद: ट्विटर के बहाने ममता बनर्जी का केंद्र पर हमला, बोलीं- वो हमें करना चाहते हैं जमींदोज

Thu, 17 Jun 2021 04:21 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

नियमों का पालन नहीं करने को लेकर ट्विटर व केंद्र सरकार के बीच जारी विवाद में अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कूद गईं। बृहस्पतिवार को उन्होंने इस विवाद से अपनी सरकार को भी जोड़ लिया। 
 
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : ani
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि दुर्भाग्य से वह (केंद्र सरकार) ट्विटर पर नियंत्रण नहीं कर सकती है, वह उसे जमींदोज करना चाहती है। इसी तरह वे मुझे भी कंट्रोल नहीं कर सकते, इसलिए वे मेरी सरकार को गिराना चाहते हैं। उन्हें यह बंद करना चाहिए। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि चक्रवात यास से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल को कोई राशि नहीं दी गई।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर को कथित तौर पर नियंत्रित करने की भाजपा नीत केंद्र सरकार की कोशिश की बृहस्पतिवार को निंदा की। उन्होंने दावा किया कि केंद्र माइक्रोब्लॉगिंग साइट को प्रभावित करने में असफल होने के बाद अब उसे प्रभावहीन करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने इसकी तुलना अपनी सरकार से करते हुए कहा कि उनकी सरकार के साथ भी केंद्र ऐसा ही व्यवहार कर रहा है।

ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मैं इसकी निंदा करती हूं। वे ट्विटर को नियंत्रित नहीं कर सकते तो अब उसे प्रभावहीन करने का प्रयास कर रहे हैं। वे (केंद्र) हर उस व्यक्ति के साथ यह कर रहे हैं जिसे अपने पक्ष में नहीं ला पा रहे हैं। वे मुझे नियंत्रित नहीं कर सकते, इसलिए मेरी सरकार को भी प्रभावहीन करने की कोशिश कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि सोशल मीडिया साइट ट्विटर का भारत में कानूनी सुरक्षा कवच देश के सूचना प्रौद्योगिक नियमों का अनुपालन नहीं करने और नए दिशानिर्देश के तहत अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करने से छिन गया है। अब तीसरे पक्ष की गैर कानूनी सामग्री की वजह से ट्विटर पर भी भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा जारी रहने के भाजपा के आरोपों पर बनर्जी ने कहा कि यह भगवा पार्टी की 'चाल' है और उसके दावे पूरी तरह से 'आधारहीन' हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कोई राजनीतिक हिंसा नहीं हो रही है। एक-दो छिटपुट घटनाएं हो सकती हैं लेकिन उन पर राजनीतिक हिंसा का ठप्पा नहीं लगाया जा सकता।

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प्रधानमंत्री को तीन बार पत्र लिखकर धनखड़ को राज्य से वापस बुलाने को कहा है: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ की नयी दिल्ली यात्रा पर कटाक्ष किया और कहा कि ‘एक बच्चे को मनाकर चुप कराया जा सकता है’ लेकिन एक वृद्ध व्यक्ति को नहीं।’

बनर्जी ने साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने राज्यपाल को राज्य से वापस बुलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन बार पत्र लिखा है। राज्यपाल को ‘केंद्र का व्यक्ति’ बताते हुए बनर्जी ने राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ उनकी बैठक पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।

उन्होंने कहा, ‘मैं क्या कह सकती हूं? एक बच्चे को मनाकर चुप कराया जा सकता है। इस मामले में, बोलना चांदी है, मौन सोना है।’ राज्यपाल को हटाए जाने संबंधी अटकलों के बारे में मीडिया में आई खबरों के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मुझे कैसे पता चलेगा? जब राज्यपाल की नियुक्ति होती है, तो राज्य सरकार से सलाह ली जाती है। हालांकि, इस मामले में ऐसा नहीं किया गया... मैंने प्रधानमंत्री को दो या तीन बार पत्र लिखकर राज्य से उन्हें वापस बुलाये जाने की मांग की है।’

2019 में राज्य के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से धनखड़ के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के साथ संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। वह चार दिवसीय यात्रा पर राष्ट्रीय राजधानी में हैं। उन्होंने अपने इस दौरे का कोई कारण नहीं बताया है। राज्यपाल ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और प्रह्लाद सिंह पटेल से मुलाकात की।

उन्होंने इससे पहले दिन में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ बैठक भी की। यह पूछे जाने पर कि क्या राजभवन में कई 'विशेष कार्य अधिकारियों' की नियुक्ति से सरकारी खजाने पर दबाव पड़ा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास इसका ब्योरा नहीं होगा। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी ने बुधवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर सांविधानिक मानदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और उनसे राज्य में नहीं लौटने का अनुरोध किया।

राज्य में वाम मोर्चा के अध्यक्ष और माकपा नेता बिमान बोस ने राज्यपाल की कथित तौर पर भाजपा के मुखपत्र की तरह काम करने के लिए आलोचना की और उनकी पक्षपातपूर्ण भूमिका की निंदा की। हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी में ‘संविधान के लिए कोई सम्मान नहीं है।’

घोष ने कहा, ‘राज्यपाल सही काम कर रहे हैं और इसलिए तृणमूल कांग्रेस को यह पसंद नहीं है। केंद्र उन्हें नियुक्त करता है और यह स्पष्ट है कि उन्हें केंद्र सरकार को विभिन्न घटनाक्रमों की रिपोर्ट देनी होगी।’
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