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सालबनी जमीन केस में मोड़: सीआईडी की पूछताछ में अभिषेक के पीए ने खोला राज, जानें किसके कहने पर जमा कराया पैसा?

Sat, 19 Sep 2026 11:00 PM IST
प्रशांत तिवारी आईएएनएस, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल सीआईडी ने अदालत में दावा किया है कि अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय ने 2018 से 2021 के बीच करीब 7 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस के खाते में जमा किए। सीआईडी के मुताबिक, सुमित ने कहा कि यह रकम उसे टी. घोष ने अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर पार्टी फंड में जमा करने के लिए दी थी। एजेंसी अब टी. घोष का बयान दर्ज करना चाहती है। 
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सुमित रॉय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल पुलिस की क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर की एक जिला अदालत को बताया कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय ने पार्टी के खातों में करीब 7 करोड़ रुपये जमा किए थे। सुमित रॉय को पूर्व तृणमूल विधायक सुजय हाजरा और कुछ अन्य लोगों के साथ पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबनी में कथित अवैध जमीन कब्जे के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आरोप है कि सरकारी कब्जे में ली गई जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने नाम कराया गया और बाद में उसे बेच दिया गया।

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पूछताछ में सुमित ने क्या बताया?
शनिवार को अदालत में पेश किए गए सुमित ने जांच अधिकारियों को बताया कि डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर टी. घोष नाम के एक व्यक्ति ने उसे पैसे दिए थे। सुमित ने टी. घोष को सांसद का कोषाध्यक्ष बताया। उसके मुताबिक, उसे यह रकम तृणमूल कांग्रेस के पार्टी फंड में जमा करने के लिए दी गई थी। सीआईडी की ओर से अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, सुमित ने जमीन घोटाले से पैसे मिलने की बात से इनकार किया है। हालांकि, उसने यह जरूर माना कि पार्टी के निर्देश पर वह कई बार सालबनी गया था।

2018 से 2021 के बीच जमा हुई रकम
सीआईडी अधिकारियों ने इसी महीने की शुरुआत में पूर्व तृणमूल विधायक सुजय हाजरा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में बताया था कि सुमित ने 2018 से 2021 के बीच कोलकाता के एक सार्वजनिक क्षेत्र के वाणिज्यिक बैंक के एक खास खाते में करीब 7 करोड़ रुपये जमा किए थे। यह खाता पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस के नाम पर दर्ज था।
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सीआईडी अब टी. घोष का बयान लेना चाहती है
सीआईडी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जब सुमित ने रकम अपने खाते में जमा करने के बजाय पार्टी के खाते में जमा की, तो यह फैसला केवल उसका निजी फैसला नहीं हो सकता। इसी वजह से जांच एजेंसी अब टी. घोष का बयान दर्ज करना चाहती है। सीआईडी अधिकारियों ने कहा,'जब सुमित ने पैसे अपने खाते में जमा करने के बजाय पार्टी के खाते में जमा किए, तो यह उसका अपना फैसला नहीं हो सकता। इसलिए हम टी. घोष का बयान दर्ज करना चाहते हैं।' 

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कोर्ट ने पांच दिन की सीआईडी हिरासत दी
जांच में आगे की कार्रवाई की जानकारी देते हुए सरकारी वकील सैयद नाजिम हबीब ने पत्रकारों को बताया कि सुमित, सुजय हाजरा और अन्य आरोपियों से आगे भी पूछताछ जरूरी है। CID ने अदालत से सात दिन की हिरासत मांगी थी। हबीब के मुताबिक, सुमित के वकील ने शुरुआत में जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया। इसके बाद अदालत ने गिरफ्तार किए गए लोगों को पांच दिन की CID हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

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