उन्नाव के सिकंदरपुर सरोसी ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की 24 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग से बीमार हो गईं। 17 छात्राओं को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद इनकी हालत में सुधार हुआ। डाक्टर घटना का कारण रात का खाना ठीक से पका न होना बता रहे हैं। डीएम व अपर निदेशक बेसिक शिक्षा ने बीमार छात्राओं का हालचाल लिया। डीएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
सरोसी के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में गुरुवार सुबह आठ बजे छात्राओं को नाश्ते में बिस्किट और चाय दी गई। कुछ देर बाद दो दर्जन से अधिक छात्राओं को पेट दर्द के साथ उल्टियां शुरू हो गईं। एक साथ सभी छात्राओं की तबियत बिगड़ने पर वार्र्डेन नीलम मिश्रा ने बीईओ बिरजू भारती को सूचना दी। बीईओ ने एंबुलेंस से छात्राओं को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां गंभीर रूप से बीमार छात्राओं कोमल प्रजापति, पायल रावत, आकांक्षा, ज्योति गौतम, कांती पाल, प्रिया, निधी गौतम, सीमा देवी, शिवानी गौतम, वैष्णवी, सुधा यादव, कोमल कुशवाहा, लक्ष्मी यादव, ज्योति, नेहा, शिवानी आदि को भर्ती कर लिया गया।
छात्राओं ने डॉक्टर को बताया कि बुधवार शाम उन्हें नाश्ते में लइया दी गई थी। रात को दाल-चावल खाया था। दाल-चावल खाने के बाद रात से ही मिचली होने लगी। छात्राओं ने तबियत खराब होने की बात टीचरों को बताई तो उन्होंने ग्लूकोज व ओआरएस का घोल दिया था। सुबह चाय-बिस्किट खाने के बाद उल्टी व पेट दर्द शुरू हो गया। उधर सीएमएस डा. एसपी चौधरी ने बताया कि अपच के कारण छात्राओं की तबियत बिगड़ी थी। बुधवार शाम छात्राओं ने जो खाना खाया, वह उन्हें हजम नहीं हुआ। छात्राओं में माइल्ड फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए थे। अब छात्राओं की हालत में सुधार है। सेहत की निगरानी के लिए अभी छात्राओं को अस्पताल में ही रखा जाएगा।