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सुषमा बोलीं- मनमोहन कौन विदेश मंत्री को लेकर टहलते थे, पढ़ें 20 बातें

Thu, 03 Aug 2017 09:28 PM IST
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
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सुषमा स्वराज - फोटो : LS
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राज्यसभा में चीन-भारत संबंधों पर सुषमा स्वराज ने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों पर अपनी बात रखी। सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में बहस के दौरान कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की ओर से केंद्र की मोदी सरकार पर लगाया गए सभी आरोपों का जवाब दिया है। सुषमा स्वराज के बयान की बड़ी बातें..
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भारत ने मोदी सरकार के आने के बाद अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को नई उंचाईयों पर पहुंचाया है। चीन हमें श्रीलंका में घेर रहा था, उसके खतरे को हमनें कम किया। मामआज अमेरिका-रूस-इजरायल सभी हमारे साथले में सभी पड़ोसियों का साथ मिला। चीन-भारत तनातनी को लेकर हम हर संभव संबंधों को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं।  आज अमेरिका-रूस-इजरायल सभी देश हमारे साथ हैं।   हर समस्या का समाधान युद्ध से नहीं निकल सकता, बल्कि राजनयिक कोशिशों से निकलता है।   आज सामरिक क्षमता बढ़ाने से ज्यादा अहम है आर्थिक क्षमता को बढ़ाना।  उन्होंने कहा आज के समय में अमेरिका-रूस-इजरायल सहित सभी देश हमारे साथ हैं।    नेपाल में तबाही के समय सब मानकर चल रहे थे कि चीन नेपाल के लिए आगे आएगा। भारत सरकार ने सबसे पहले मदद पहुंचाई। हमनें 1 बिलियन डॉलर की मदद आज अमेरिका-रूस-इजरायल सभी हमारे साथदी। उन्होंने कहा कि 17 सालों तक भारत का कोई प्रधानमंत्री नेपाल की धरती पर नहीं गया।  आप 17 सालों तक न जाएं तो पड़ोसियों से संबंध अच्छे, हम 2 बार जाएं तो संबंध खराब.? उन्होंने कांग्रेस को चेताया कि वो गलत जानकारियां न दे।  पेरिस जलवायु समझौते के समय़ ट्रंप की खरीखोटी पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप को आइना दिखाया। सुषमा स्वराज ने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि हम अमेरिकी विदेश नीति में जूनियर साथी हैं।    पेरिस जलवायु समझौते पर हमारे प्रधानमंत्री ने डोनल्ड ट्रंप को आइना दिखाते हुए कहा कि हम किसी के एक पैसे के मोहताज नहीं हैं।   2014 तक 116 बिलियन डॉलर का व्यापार था। आज 37 प्रतिशत की बढ़त हुई है।  अमेरिकी स्पाउस वीजा 2015 में पीएम मोदी के प्रयास से ही मिला था।    इजरायल हमारा दोस्त जरूर है, पर फिलीस्तीन पर हमारा स्टैंड कभी नहीं बदला। इजरायल के साथ 25 सालों का राजनयिक संबंध है। फिलिस्तीन हमसे अपनी दिक्कतों को सुलझाने के लिए हमारी मदद मांग रहा है, हम दे रहे हैं।  मैं डॉक्टर मनमोहन सिंह से पूछना चाहती हूं कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने कितने बार सलमान खुर्शीद, एसएम कृष्णा को साथ लेकर गए?  आज भारत उस बुलंदी पर है, जहां किसी भी देश के दौरे पर जाने पर मुझसे सिर्फ विदेश मंत्री ही नहीं, बल्कि उस देश के प्रधानमंत्री भी मिलते हैं।  डोकलाम मुद्दे पर 2012 में जो समझौता हु्आ था वह अब भी बरकरार है। 
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