महाराष्ट्र में दवा कंपनी सिप्ला के पुणे स्थित एक गोदाम पर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के कैरिंग एंड फॉरवर्डिंग गोदाम के दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एफडीए ने यह कदम कथित नियमों के उल्लंघन को लेकर उठाया है। वहीं कंपनी ने इस फैसले को निराशाजनक बताया है। सिप्ला ने कहा है कि उसका गोदाम दवा भंडारण और वितरण से जुड़े नियमों का पालन करता है।
एफडीए ने कहा कि केवल एसएपी या किसी अन्य कंप्यूटर सिस्टम में रिकॉर्ड रखना कानूनी जिम्मेदारियों से छूट नहीं देता। लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठान को सही रिकॉर्ड, वास्तविक स्टॉक, सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई और निरीक्षण के लिए जरूरी दस्तावेज रखने होते हैं। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं है। इसका उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ताजा प्रक्रिया में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया और कंपनी को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया।
सिप्ला ने एफडीए के फैसले पर क्या कहा?
सिप्ला ने कहा कि वह गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंपनी ने वाडकी सीएंडएफ गोदाम को लेकर एफडीए के फैसले को निराशाजनक बताया। कंपनी का कहना है कि उसका पुणे गोदाम वितरण, भंडारण और डिजिटल रिकॉर्ड रखने से जुड़े नियमों के अनुसार काम करता है। सिप्ला ने कहा कि वह आदेश की समीक्षा कर रही है और आगे के विकल्पों पर विचार करेगी। कंपनी ने यह भी कहा कि वह मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।