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हे प्रभु... सौ-सौ रुपये लेकर सात हजार में बेच डाली ‘ट्रेन’

Fri, 19 Aug 2016 04:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
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टीटीई ने आला हजरत एक्सप्रेस को बना दिया प्राइवेट ट्रेन
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ट्रेन को अपनी प्राइवेट प्रापर्टी समझने वाला टीटीई सर्वेश कुमार सिंह बृहस्पतिवार को चेकिंग स्क्वायड के हत्थे चढ़ गया। टीटीई ने सौ-सौ रुपये लेकर 70 सीटें बिना रिजर्वेशन वाले यात्रियों को बेच रखीं थीं। बसों और दूसरी ट्रेनों में भीड़ होने की वजह से ज्यादातर लोग रक्षाबंधन के लिए जा रहे थे। स्क्वायड ने जब चेकिंग की तो खेल पकड़ में आया। सीनियर डीसीएम ने टीटीई को निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
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बृहस्पतिवार को सीनियर डीसीएम पुष्प राज के नेतृत्व में बरेली से भुज तक जाने वाली आला हजरत एक्सप्रेस चेक कराई गई। रक्षाबंधन के कारण ट्रेन में भीड़ भी जबरदस्त थी। टिकट चेकिंग के दौरान बिना टिकट वालों की तुलना में अनियमित यात्री (जनरल की टिकट पर रिजर्वेशन में यात्रा करने वाले) अधिक पकड़े गए। 

स्लीपर कोच में अधिकांश यात्री जनरल की टिकट पर आराम से सीट बैठे हुए मिल रहे थे। टिकट चेक रहे स्क्वायड ने उनसे जुर्माना और अतिरिक्त किराया मांगा तो बहस करने लगे। जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि सीट टीटीई ने दी और उनसे बदले में रुपये लिए हैं। दो अलग-अलग कोच में जब पूरा रिकार्ड मिलाया गया तो एक ही टीटीई ने 70 सीटें यात्रियों को बेच रखीं थी। जबकि एक कोच में 73 और दो कोच में 144 सीटें होती हैं। टीटीई पूरी ट्रेन को अपनी मर्जी से चला रहा था। सीनियर डीसीएम को जब रिपोर्ट दी गई तो उन्होंने तुरंत टीटीई सर्वेश कुमार सिंह को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच शुरू करा दी है। 
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दो कोच दिल्ली तक जाते हैं खाली
आला हजरत एक्सप्रेस बरेली से भुज तक जाती है। ट्रेन में दो स्लीपर कोच दिल्ली से बुक होते हैं। जिसके चलते इन कोच में बरेली से दिल्ली के बीच रिजर्वेशन नहीं होता। रक्षाबंधन की वजह से जनरल में सीट नहीं मिलने पर यात्री उसमें चढ़ गए और टीटीई ने रुपये लेकर उन्हें दिल्ली तक बैठने की जगह दे दी।

सीटें बेचने पर पहले भी हटाया जा चुका है
मुरादाबाद। टीटीई सर्वेश कुमार सिंह पर इससे पहले भी  सीट बेचने के आरोप लग चुके हैं। जिसके चलते उसे ट्रेन ड्यूटी से हटाकर स्टेशन ड्यूटी पर लगाया गया था। कई साल स्टेशन ड्यूटी करने के बाद उसे ट्रेन ड्यूटी वापस मिली तो अपनी पुरानी हरकतों से बाज नहीं आया। इस बार सीट बेचते हुए पकड़ा भी गया।
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