राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंध जोड़े जाने पर प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे भड़क गए हैं। उन्होंने बदनामी करने वालों को कोर्ट में घसीटने की चेतावनी दी है। अन्ना ने बृहस्पतिवार को अपने गांव रालेगढ़सिद्धी में कहा कि वह वकीलों से राय ले रहे हैं और बदनामी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
अन्ना हजारे ने हाल ही में दिल्ली में अनिश्चितकालीन अनशन किया था। अनशन खत्म होने के बाद वह अपने गांव आ गए हैं। लेकिन, अन्ना के आंदोलन में नाथूराम गोडसे की रिश्तेदार कल्पना ईनामदार के शामिल होने पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। कल्पना दिल्ली में हुए अनिश्चितकालीन अनशन की मुख्य सूत्रधार थीं। यही वजह है कि उनके आंदोलन को आरएसएस से जोड़कर देखा जा रहा है।
बृहस्पतिवार को अन्ना ने इस मामले में सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कल्पना से उनका कभी कोई संबंध नहीं रहा और मैं इससे पहले उनसे कभी नहीं मिला। कल्पना भी उन हजारों लोगों में से एक थी जिन्होंने आंदोलन में हमारा साथ दिया था। अन्ना ने कहा कि कल्पना इनामदार आंदोलन की प्रमुख नहीं थी।
अन्ना के मुताबिक समन्वय समिति के सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग काम दिया गया था। इसी तरह कल्पना को भी मंडप व व्यासपीठ की जिम्मेदारी दी गई थी। महज हमें बदनाम करने के लिए इनामदार का संबंध नाथूराम गोडसे से जोड़ा गया है। अन्ना ने कहा कि मुझे अपनी बदनामी का फर्क नहीं पड़ता लेकिन इससे समाज और देश का नुकसान होता है। इसलिए यह अपमान बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।