फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार द्वारा छात्रों की आवाजों को दबाने की कोशिश, क्या यह तानाशाही नहीं?: प्रियंका गांधी

Tue, 16 Jul 2019 01:32 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रियंका गांधी वाड्रा (फाईल फोटो) - फोटो : social media
विज्ञापन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ को भंग करने का मामला शांत नहीं हो रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सूबे की योगी सरकार को तानाशाही सरकार कहा है। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा संस्थानों पर तानाशाही कर रही है।

विज्ञापन


मंगलवार को प्रियंका गांधी वाड्रा ने टि्वटर के माध्यम से भाजपा सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ को भंग करने के खिलाफ आवाज उठाने पर एनएसयूआई के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रशासन ने निलंबित करके ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। बीजेपी सरकार तो खुद चुनकर आई है, मगर छात्रों के चुनाव और उनकी आवाज से इतना डरती क्यों है? यह तानाशाही नहीं तो क्या है?

कुछ दिनों पहले भी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला किया था और बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर की ओर से कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद एक व्यक्ति के आत्महत्या किए जाने पर दुख जताया था। नीरज कुमार ने 9 जुलाई को बिजनौर में कलेक्ट्रेट कैंप कार्यालय में अपनी जान दे दी थी।
विज्ञापन


खबरों के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में अराजकता फैलाने और अभद्र व्यवहार के आरोप में छात्र नेता अखिलेश यादव को निलंबित किया है, हालांकि एनएसयूआई का दावा है कि छात्रसंघ को भंग करने का विरोध करने के कारण यादव को सजा दी गई है।

विज्ञापन




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें