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अर्नब गोस्वामी की बढ़ने वाली हैं मुश्किलें, विशेषाधिकार हनन मामले में जेल भेजने की तैयारी

Thu, 05 Nov 2020 10:16 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई
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अर्नब गोस्वामी (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाईक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार पत्रकार अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अब विशेषाधिकार हनन के आरोप में उन्हें जेल भेजने की तैयारी है। 

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यही नहीं, विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस की अवमानना के आरोप में उनके खिलाफ दूसरा अधिकार हनन प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले की ओर से अधिकार हनन के मामले में अर्नब गोस्वामी को अब तक सात बार नोटिस जारी किया गया है। 


शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृहमंत्री अनिल देशमुख की अवमानना करने का आरोप लगाते हुए विधानसभा में अर्नब के खिलाफ अधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया था। 
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इस पर विधानसभा अध्यक्ष नाना पाटोले की ओर से कई बार अर्नब को तलब किया जा चुका है लेकिन वह पेश नहीं हुए हैं। गुरुवार को विधानसभा विशेषाधिकार हनन समिति की बैठक बुलाई गई थी। 

इस बैठक में अर्नब गोस्वामी के पेश नहीं होने पर चर्चा की गई। विधायक प्रताप सरनाईक ने समिति के सामने अपना पक्ष रखा। सरनाईक ने आरोप लगाया कि विशेषाधिकार हनन समिति की नोटिस को भी दरकिनार किया जा रहा है। इसके बाद समिति की ओर से कुछ सख्त फैसले लेने के संकेत मिले है।

अर्नब डाल-डाल तो सरकार पात-पात
अर्नब गोस्वामी ने पालघर में साधुओं की हत्या और फिर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कांग्रेस और शिवसेना पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की जबर्दस्त खिंचाई की। लेकिन अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। अर्नब डाल-डाल हैं तो महाविकास आघाड़ी सरकार पात-पात। 

टीआरपी के मामले मे अर्नब गोस्वामी का न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी कानूनी जांच के घेरे में है। वहीं, दूसरी ओर इंटीरियर डिजाइनर नाईक की खुदकुशी के मामले में उनकी गिरफ्तारी तक हो चुकी है और जमानत भी नहीं मिल पाई है। इन दोनो मामलों से अर्नब अभी उबर भी नहीं पाए हैं कि विधानसभा के अधिकार हनन का मामला उनके पीछे खड़ा है।

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