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ED: पिनराई विजयन की बेटी की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने वीणा को दोबारा भेजा समन, 29 जून को पूछताछ के लिए बुलाया

Sun, 21 Jun 2026 01:24 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी को ईडी ने सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दूसरी बार समन जारी किया है। उन्हें 29 जून को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। ईडी का आरोप है कि वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक को सीएमआरएल से 2.78 करोड़ रुपये बिना किसी सेवा के मिले। मामले में बैंक लॉकरों की भी जांच की गई है। आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...
 
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पिनराई विजयन की बेटी वीणा को फिर समन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वीणा को दोबारा समन जारी कर 29 जून को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। इससे पहले ईडी ने 17 जून को उनसे नौ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। अब एजेंसी ने जांच के दौरान मिले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर फिर से उन्हें तलब किया है। इस मामले को लेकर केरल की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रहा है।

क्या है सीएमआरएल और एक्सालॉजिक का पूरा मामला?

ईडी की जांच उस कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ी है, जिसमें खनन कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह राशि कंपनी को किसी सेवा के बदले नहीं दी गई थी। ईडी का आरोप है कि भुगतान के बावजूद एक्सालॉजिक ने कोई वास्तविक सेवा प्रदान नहीं की। इसी आधार पर एजेंसी इस पूरे लेनदेन को संदिग्ध मानते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है।

ईडी ने दोबारा समन क्यों जारी किया?

सूत्रों के मुताबिक, 17 जून को हुई पहली पूछताछ के दौरान वीणा के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बाद एजेंसी ने उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान कुछ और तथ्यों को स्पष्ट करने की जरूरत महसूस की गई, जिसके बाद ईडी ने वीणा को दोबारा तलब करने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले में चार अन्य आरोपियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। 19 जून को ईडी अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम में वीणा के बैंक लॉकरों का भी निरीक्षण किया था।

क्या लोन और वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं?

ईडी के अनुसार, सीएमआरएल के प्रबंध निदेशक ससिधरन कर्था की कंपनी एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का कर्ज भी दिया था। एजेंसी का आरोप है कि समय पर यह कर्ज नहीं लौटाया गया। ईडी का कहना है कि इन लेनदेन के जरिए वीणा और सीएमआरएल प्रबंधन ने कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय यानी 'प्रोसीड्स ऑफ क्राइम' उत्पन्न की। यही वजह है कि एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया है।

एसएफआईओ की रिपोर्ट में क्या सामने आया था?

यह मामला तब सामने आया जब कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच शाखा सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की अदालत में अभियोजन शिकायत दायर की। एसएफआईओ ने आरोप लगाया था कि एक्सालॉजिक और सीएमआरएल के बीच ऐसा समझौता हुआ था, जिसके तहत बिना कोई सेवा दिए भुगतान किया गया। गौरतलब है कि जनवरी 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान सीएमआरएल में करीब 130 करोड़ रुपये के संदिग्ध फर्जी खर्च और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद से ही कंपनी केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में है।
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