त्रिपुरा में चुनाव से पहले भाजपा के बड़े नेता सक्रिय (फाइल)
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त्रिपुरा में करीब एक दशक बाद होने जा रहे ग्राम समिति चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर अगरतला पहुंचे। उनके साथ पार्टी के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, रविंद्र राजू और राजदीप रॉय भी पहुंचे। केंद्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री माणिक साहा और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनावी रणनीति और संगठन की तैयारियों पर चर्चा की।
28 सितंबर को मतदान
त्रिपुरा राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। टीटीएएडीसी क्षेत्र की 587 ग्राम समितियों के लिए 28 सितंबर को मतदान होगा। इन चुनावों में 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों के तहत 4,597 सीटों पर मतदान होगा। करीब 9.62 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतगणना पांच अक्तूबर को होगी और पूरी चुनाव प्रक्रिया आठ अक्तूबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।
टिपरा मोथा से गठबंधन पर नजर
सूत्रों के मुताबिक भाजपा और टिपरा मोथा के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरोय ने कहा कि बातचीत जारी है और जल्द फैसला घोषित किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है चुनाव?
इन ग्राम समितियों का गठन त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) के तहत आने वाले आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर के प्रशासन के लिए होता है। 2016 के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं। पिछली निर्वाचित समितियों का कार्यकाल मार्च 2021 में समाप्त हो गया था। कोविड-19 महामारी और बाद की कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव टलते रहे।
भाजपा-टिपरा मोथा के लिए परीक्षा
टिपरा मोथा 2021 से टीटीएएडीसी में सत्ता में है और इस साल हुए परिषद चुनाव में उसने 28 में से 24 सीटें जीती थीं। अब ग्राम समिति चुनाव आदिवासी इलाकों में उसकी जमीनी पकड़ की परीक्षा होंगे। वहीं भाजपा इन चुनावों के जरिये अपने संगठन का विस्तार करना चाहती है। दोनों दलों के बीच गठबंधन होता है या अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं, इस पर भी नजर है।