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Tripura: त्रिपुरा के राज्यपाल ने निवेश पर दिया जोर, विधानसभा में बोले- चुनौतियों को अवसरों में बदलें

Fri, 13 Mar 2026 06:10 PM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी विधानसभा में चुनौतियों को अवसरों में बदलने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने त्रिपुरा की कई उपलब्धियों पर भी बात की। पढ़ें पूरी खबर ....
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त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी - फोटो : ANI
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विस्तार
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त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी ने शुक्रवार को कृषि, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए चुनौतियों को अवसरों में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पुनर्जीवित त्रिपुरा की परिकल्पना नगरों के विकास, त्रिपुरेश्वरी मंदिर में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से हैं। 

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डेस्टिनेशन त्रिपुरा के बारे में दी जानकारी

उन्होंने कहा, "सरकार ने 2025 में 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा' नामक एक व्यापार सम्मेलन का आयोजन किया।  इसमें 120 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया और शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और आईटी क्षेत्रों में लगभग 3,800 करोड़ रुपये के 87 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।" रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे, निवेश और नवाचार पर विचारों के लिए 60 से अधिक अनिवासी भारतीयों को शामिल करते हुए, वर्चुअल रूप से पहला प्रवासी त्रिपुरबाशी शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया।

कनेक्टिविटी पर कही यह बात

उन्होंने कहा, "अटूट संकल्प के साथ, हम चुनौतियों को अवसरों में परिवर्तित करेंगे, कृषि, उद्योगों और डिजिटल सशक्तिकरण में समावेशी विकास को बढ़ावा देंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि राज्य विकास का एक उज्ज्वल प्रतीक बने।" कनेक्टिविटी में हुए सुधारों पर राज्यपाल ने कहा कि रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण सब्रूम तक पूरा हो चुका है, जो रेल अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क संपर्क को बढ़ावा देने के लिए खोवाई जिले के मुंगियाकामी से अगरतला तक राष्ट्रीय राजमार्ग 8 के खंड को चार लेन का बनाने की एक व्यापक योजना तैयार की गई है।

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राज्यपाल ने होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और एक मेडिकल और तकनीकी विश्वविद्यालय सहित तीन विश्वविद्यालय स्थापित करने की सरकार की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "नीति आयोग और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए रणनीतिक सुधारों के लिए निर्धारित मापदंडों के आधार पर त्रिपुरा ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।" राज्य के कर प्रदर्शन की सराहना करते हुए रेड्डी ने कहा कि त्रिपुरा ने अक्टूबर 2025 तक 2025-26 में मजबूत संग्रह दर्ज किया, जिसमें जीएसटी राजस्व 994.23 करोड़ रुपये, वैट 281.40 करोड़ रुपये, उत्पाद शुल्क 271.48 करोड़ रुपये और पेशेवर कर 26.85 करोड़ रुपये रहा।

 

उन्होंने कहा, "यह मजबूत आर्थिक गतिविधि और अनुपालन को दर्शाता है।" इसके साथ ही यह भी बताया कि राज्य ने जीएसटी और अन्य करों से संबंधित कर अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए त्रिपुरा में कर प्रशासन और अनुसंधान संस्थान की स्थापना की है। राज्यपाल के भाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) पर रेड्डी की चुप्पी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, "परिषद में राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा शामिल है, लेकिन उनके लंबे भाषण में इसका कोई जिक्र नहीं था।"

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