असम में बारिश के कारण आए भूस्खलनों से प्रभावित रेल नेटवर्क को बहाल करने में कम से कम दो माह का समय लगेगा। ऐसे में त्रिपुरा सरकार पड़ोसी राज्य से सड़क मार्ग के जरिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति की आकस्मिक योजना बना रही है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वहीं, बाढ़ को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री से बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त सचिव तपन कुमार दास ने कहा कि अभी त्रिपुरा में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन यदि ट्रेन सेवाएं लंबे समय तक बाधित रहती हैं, तो इससे राज्य में सामान्य आपूर्ति पर प्रभाव पड़ेगा।
त्रिपुरा के पास 42 दिन के लिए चावल का भंडार
उन्होंने कहा कि विभाग आकस्मिक योजना के तहत सड़क मार्ग से गुवाहाटी से आवश्यक सामग्रियां लाएगा। माईबोंग में ट्रेन सेवाएं बाधित होने के मद्देनजर स्थिति का जायजा लेने के लिए भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों के साथ हमारी कल हमारी एक वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस समय 42 दिन के लिए चावल का भंडार है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने असम में भूस्खलनों के मद्देनजर त्रिपुरा, दक्षिण असम, मणिपुर और मिजोरम के लिए 25 मई तक ट्रेन सेवाओं को पहले ही निलंबित कर दिया है।
प्रभावित इलाकों से ट्रेन सेवाएं बहाल करने में लगेगा लंबा समय
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव एल एच दारलोंग ने बताया कि हम बहाली कार्यों के लिए लुमडिंग रेल खंड के डीआरएम के संपर्क में हैं। एनएफआर ने कहा है कि प्रभावित इलाकों से ट्रेन सेवाएं बहाल करने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि यदि माईबोंग और इसके निकटवर्ती इलाकों में बारिश जारी रहती है, तो बहाली कार्य में देरी हो सकती है।
अधिकारी ने बताया कि असम के माईबोंग इलाके में आपदा जैसी स्थिति के कारण लंबी दूरी की सभी सात यात्री ट्रेन निलंबित कर दी गई हैं। बहरहाल, भूस्खलन के कारण अगरतला और सिलचर के बीच यात्री ट्रेन सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।
असम में हालात हैं खराब
गौरतलब है कि असम में भारी वर्षा ने 20 जिलों में कहर बरपा दिया है। करीब 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लगातार वर्षा से कई जिलों का सड़क व रेल संपर्क टूट गया है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ के कारण जनजीवन पर व्यापक असर हुआ है। भारी तबाही की भी खबरें मिल रही हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के बुलेटिन में कहा गया है कि राज्य के 20 जिलों में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लगातार बारिश से भूस्खलन के बाद पहाड़ी जिले दीमा हसाओ राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया है। अब तक राज्य के 20 जिलों के 46 राजस्व सर्कल में से 652 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।