फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिपुरा सरकार का फरमान, कैजुअल ड्रेस पहनकर ड्यूटी न करें अधिकारी

Tue, 28 Aug 2018 05:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अगरतला
विज्ञापन
बिप्लब कुमार देब
विज्ञापन

त्रिपुरा सरकार की ओर से सरकारी अधिकारियों और बाबुओं के ड्रेस कोड पर जारी एक अधिसूचना से सियासत गर्म हो गई है। विपक्ष ने इसे सामंती मानसिकता का परिचायक करार दिया है। सरकार ने कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान डेनिम जैसी कैजुअल पोशाक नहीं पहनने की सलाह दी है।

विज्ञापन


राजस्व, शिक्षा एवं सूचना व संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव सुशील कुमार की ओर से जारी दिशानिर्देश में अधिकारियों से राज्यस्तरीय बैठकों के दौरान ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा गया है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली बैठकों या दूसरी उच्चस्तरीय बैठकों में ड्रेस कोड का सम्मान किया जाना चाहिए है। जींस और ऐसी ही दूसरी पोशाक पहनने से बचना चाहिए।

दिशानिर्देश में कहा गया है कि कुछ अधिकारी बैठकों के दौरान मोबाइल पर संदेश पढ़ते और भेजते रहते हैं। यह असम्मान का सूचक है। इससे पहले पहले मुख्यमंत्री मानिक सरकार ने भी अधिकारियों को जेबों से हाथ बाहर रखने के लिए कहा था।
विज्ञापन


त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष तापस दे ने कहा कि यह आदेश राज्य की भाजपा आईपीएफटी सरकार की सामंती मानसिकता की मिसाल है। सरकार यह कैसे तय कर सकती है कौन क्या पहने और क्या नहीं? उन्होंने इसे सरकारी अधिकारियों के अधिकारों का अतिक्रमण करार दिया। वहीं माकपा प्रवक्ता गौतम दास ने कहा कि यह लोकतांत्रिक देश है, औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन नहीं।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें