भाजपा नेता और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब अब राज्यसभा जाएंगे। पार्टी ने उन्हें त्रिपुरा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है। सोमवार को ही उन्होंने पार्टी के आला-नेताओं के साथ पर्चा भरा है।
गौरतलब है कि त्रिपुरा की यह राज्यसभा सीट माणिक साहा के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव 22 सितंबर को होना है। विधानसभा में भाजपा बहुमत में है। ऐसे में बिप्लब की जीत लगभग तय है।
देब के नामांकन पत्र दाखिल करते वक्त उनके साथ मुख्यमंत्री माणिक साहा, उपमुख्यमंत्री जिश्नु देव वर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य भी मौजूद रहे। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद देब ने पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे हरियाणा के लिए भाजपा का प्रभारी बनाया और त्रिपुरा से राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मुझे नामित किया। मैं दोनों राज्यों में पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।’’
उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूर्वोत्तर राज्य में 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। देब ने कहा, ‘‘भाजपा ने 2018 में 60 सदस्यीय विधानसभा की 36 सीटें जीती थीं और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगले साल सदन में पार्टी की ताकत बढ़े।’’ भाजपा नेता ने माणिक साहा की अगुवाई वाली राज्य सरकार की ‘‘लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने’’ में उसके प्रदर्शन के लिए सराहना की।
देब राज्यसभा की जिस सीट पर उपचुनाव लड़ रहे हैं वह साहा के इस्तीफे से खाली हुई है, जिन्हें उनके स्थान पर मुख्यमंत्री बनाया गया है। त्रिपुरा के पूर्व मंत्री और माकपा नेता भानु लाल साहा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पहले ही सौंप दिया है। देब की जीत तय मानी जा रही है क्योंकि भाजपा के पास विधानसभा में बहुमत है। भाजपा और उसके सहयोगी दल आईपीएफटी के सदन में 44 विधायक हैं जबकि वाम मोर्चा के 15 और कांग्रेस का एक विधायक है।