PPRC रिपोर्ट जारी करते भाजपा नेता
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भाजपा समर्थित शोध केंद्र पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (PPRC) ने दावा किया है कि त्रिपुरा में किसानों की आय 1.6 गुनी हो चुकी है। किसानों की आय में यह वृद्धि केंद्र-राज्य सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के कारण हुई है। 2018 में सत्ता में आने के बाद सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की, जिससे राज्य के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में लगभग 76 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दावा किया गया है कि राज्य के हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 4.53 लाख शौचालयों का निर्माण कराया गया है। भाजपा को उम्मीद है कि विकास के इन कार्यों के कारण वह त्रिपुरा में एक बार फिर सरकार बनाने में सफल रहेगी।
इन योजनाओं का भी लाभ मिला
रिसर्च में दावा किया गया है कि त्रिपुरा में 13.8 लाख परिवारों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राज्य के 2.40 लाख किसानों को 508 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता पहुंचाई गई है। दावा है कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और आर्थिक अवसरों की वृद्धि के कारण लोगों की वार्षिक आय में 76 फीसदी की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ 24.32 लाख लोगों को मिला है।
भाजपा का काम बनेगा जीत का आधार- PPRC
पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (PPRC) के निदेशक डॉ. सुमीत भसीन ने अमर उजाला से कहा कि वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद हुए कई सर्वेक्षणों में यह बात सामने आई है कि भाजपा को अभूतपूर्व सफलता मिलने के पीछे उसकी कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा हाथ था। जिन गरीब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना और राशन योजना के लाभ मिले, वे सरकार के बड़े समर्थक बनकर उभरे। इन लोगों ने जमकर सरकार के पक्ष में वोट किया और विपक्ष के सारे अनुमान धरे रह गए। उन्होंने दावा किया कि त्रिपुरा सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है तो इसका श्रेय उसकी लोकोपकारी नीतियों को दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के 7.9 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र और 3.8 फीसदी आबादी वाला यह क्षेत्र विकास की दौड़ में अछूता रहा था, लेकिन केंद्र की लुक ईस्ट नीति को बढ़ावा देने के कारण आज यह न केवल देश की मुख्यधारा का हिस्सा बना है, बल्कि अपनी लोक कलाओं-हस्तकलाओं के कारण दुनिया में प्रमुखता के साथ देखा जा रहा है। पूर्वोत्तर को विकास की इस मुख्यधारा में तब तक नहीं लाया जा सकता था, जब तक कि पूर्वोत्तर को शेष भारत से बेहतर संपर्क के साथ नहीं जोड़ा जाता। सरकार ने पुल बनाकर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उड्डयन केंद्र बनाकर इसी कमी को पूरा किया जिसका लाभ आज इस क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है।