फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिपुरा में बढ़ती हिंसा के बाद CPM ने 12 मार्च को होने वाले चुनाव से नाम लिया वापस 

Sat, 10 Mar 2018 06:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
विज्ञापन
विज्ञापन

त्रिपुरा में 70 सालों में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार सत्ता में आई। जिसके बाद राज्य में लेनिन की मूर्ति ढहाये जाने के मसले ने अब तूल पकड़ लिया है। राज्य में पिछले 25 सालों से सत्ता पर काबिज रही सीपीआई (एम) ने ऐलान किया है कि वह त्रिपुरा में बढ़ती हिंसा की घटनाओं की वजह से 12 मार्च को जनजातीय सुरक्षित सीट चारीलम विधानसभा पर होने वाले चुनाव से अपना नाम वापस लेगी। 

विज्ञापन


सीपीआई (एम) ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसकी वजह से राज्य में हिंसा की घटनाएं हुई। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले में सीपीआई (एम) राज्य सेक्रेटरी बिजन धर ने चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा था। पत्र के जरिये पार्टी ने आयोग से अपील की थी कि जब तक राज्य में हालात सामान्य नहीं होते हैं, तब तक चुनाव न कराए जाएं। हालांकि आयोग ने इस अपील को खारिज कर दिया था। 

बता दें कि प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा की 59 सीटों पर 18 फरवरी को मतदान हुए थे। लेकिन चारीलम विधानसभा सीट पर माकपा उम्मीदवार नारायण देबबर्मा का निधन हो जाने से मतदान स्थगित कर दिया गया था। देबबर्मा की मौत 11 फरवरी को चुनावी अभियान के दौरान कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें